PU Special :जन्माष्टमी की खरीदारी पर महंगाई की मार, मिश्री 60% और कान्हा की पोशाक 150% तक महंगी

इंदौर में जन्माष्टमी की खरीदारी पर महंगाई का असर दिख रहा है। दूध, माखन, मिश्री और शक्कर के दाम बढ़े हैं जबकि कान्हा की पोशाक 150% तक महंगी हुई है।
जन्माष्टमी की खरीदारी पर महंगाई की मार, मिश्री 60% और कान्हा की पोशाक 150% तक महंगी
जन्माष्टमी की खरीदारी पर महंगाई की मार

प्रभा उपाध्याय, इंदौर। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत और पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। घरों और मंदिरों में कान्हा के भोग से लेकर श्रृंगार तक की तैयारी की जा रही है लेकिन इस बार त्योहार का खर्च पिछले साल के मुकाबले बढ़ गया है। दूध, माखन, मिश्री और शक्कर के दाम बढ़ने के साथ ही लड्डू गोपाल की पारंपरिक पोशाक भी महंगी हो गई है। सबसे ज्यादा असर मिश्री और कान्हा की पोशाक के दाम में देखने को मिला है। पिछले साल के मुकाबले मिश्री करीब 60 प्रतिशत महंगी हुई है जबकि लड्डू गोपाल की पारंपरिक ड्रेस की कीमत में करीब 150 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। ऐसे में जन्माष्टमी पर भोग और श्रृंगार की खरीदारी के लिए लोगों को इस बार ज्यादा बजट रखना पड़ रहा है।

दूध के लिए भी खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे

जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को लगाए जाने वाले भोग में दूध का विशेष महत्व है। पिछले साल इंदौर में दूध करीब 60 रुपये लीटर मिल रहा था, जो अब बढ़कर करीब 65 रुपये लीटर हो गया है। यानी एक लीटर दूध खरीदने पर लोगों को पिछले साल की तुलना में 5 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। जन्माष्टमी के दौरान दूध से बनी कई चीजों का इस्तेमाल होने के कारण इसका असर त्योहार की खरीदारी के कुल बजट पर भी पड़ रहा है।

माखन 550 से बढ़कर 650 रुपये किलो

कान्हा के भोग में माखन का खास स्थान माना जाता है। यही वजह है कि जन्माष्टमी पर माखन की मांग भी बढ़ जाती है। पिछले साल करीब 550 रुपये किलो बिकने वाला माखन अब 650 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इस तरह एक किलो माखन खरीदने के लिए इस साल करीब 100 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। कीमत में यह बढ़ोतरी करीब 18.2 प्रतिशत बैठती है।

मिश्री के दाम में सबसे बड़ा उछाल

जन्माष्टमी के भोग में मिश्री का इस्तेमाल भी प्रमुख रूप से किया जाता है। इस बार मिश्री की कीमत ने सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछले साल 50 रुपये किलो मिलने वाली मिश्री अब करीब 80 रुपये किलो हो गई है। यानी एक साल में इसकी कीमत 30 रुपये प्रति किलो बढ़ गई। यह करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। त्योहार पर भोग और प्रसाद के लिए मिश्री खरीदने वाले लोगों को अब इसके लिए पहले से ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ रही है।

शक्कर भी 10 रुपये किलो महंगी

मिश्री के साथ शक्कर के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल करीब 45 रुपये किलो बिकने वाली शक्कर अब 55 रुपये किलो में मिल रही है। इस हिसाब से शक्कर के भाव में करीब 10 रुपये प्रति किलो, यानी लगभग 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जन्माष्टमी पर प्रसाद और अन्य पकवानों में शक्कर के इस्तेमाल के कारण इसका असर भी घरेलू बजट पर पड़ रहा है।

कान्हा की पोशाक का खर्च ढाई गुना

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को नई पोशाक पहनाने की परंपरा है। इस बार कान्हा के श्रृंगार का खर्च भी काफी बढ़ गया है। पिछले साल करीब 100 रुपये में मिलने वाली पारंपरिक पोशाक अब करीब 250 रुपये तक पहुंच गई है। यानी पोशाक की कीमत ढाई गुना हो गई है। इस तरह इसमें करीब 150 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। त्योहार पर भोग के साथ कान्हा के श्रृंगार के लिए मुकुट, पोशाक और अन्य सामग्री खरीदने वाले परिवारों को भी अब ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

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कौन सी चीज कितनी हुई महंगी 

  • दूध : 60 से बढ़कर 65 रुपए लीटर
  • माखन : 550 से बढ़कर 650 रुपए प्रति किलो
  • मिश्री : 50 से बढ़कर 80 रुपए किलो
  • शक्कर : 45 से बढ़कर 55 रुपए किलो
  • कान्हा की ड्रेस : 100 से बढ़कर 250 रुपए

गृहणियों ने कम की खरीदारी

इंदौर की गृहणी रेखा शर्मा का कहना है कि जन्माष्टमी साल में एक बार आने वाला त्योहार है, इसलिए पहले घर में भोग और पूजा के लिए सामान ज्यादा मात्रा में खरीदा जाता था। लेकिन इस बार कीमतें बढ़ने के कारण खरीदारी की मात्रा कम करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल करीब 1000 रुपये में काफी सामान आ गया था जबकि इस बार उतनी ही राशि में थोड़ा-थोड़ा सामान ही खरीदा जा रहा है।

पूजा सामग्री के दाम भी बढ़े

पूजा-पाठ सामग्री के व्यापारी कमल जायसवाल के मुताबिक मिश्री और कान्हा की ड्रेस के अलावा पूजा-पाठ से जुड़ी दूसरी सामग्री के दाम में भी कुछ बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि त्योहार के कारण बाजार में रौनक तो दिखाई दे रही है लेकिन खरीदारी के तरीके में बदलाव आया है। पहले कई ग्राहक 5 से 6 जोड़ी वस्त्र तक खरीद लेते थे लेकिन अब कई लोग जरूरत के हिसाब से केवल एक से दो जोड़ी ही खरीद रहे हैं।

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त्योहार की रौनक बरकरार, लेकिन बजट पर असर

जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है और भगवान कृष्ण के भोग व श्रृंगार से जुड़ी चीजों की मांग बनी हुई है। हालांकि दूध से लेकर मिश्री और माखन तक बढ़े दाम और कान्हा की पोशाक की बढ़ी कीमत ने त्योहार के बजट को प्रभावित किया है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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