'मुझसे गलती हुई...' ईरान युद्ध में अमेरिका के 18 सैनिकों की मौत पर डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री का यू-टर्न, मांगी माफी

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने ईरान में सैन्य कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सैनिकों की मौत को लेकर दिए अपने बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने माना कि उनके बयान में गलती हुई थी। लुटनिक ने कहा कि ईरान में अमेरिकी सेना के 18 सदस्यों की मौत हुई है। उन्होंने मृत सैनिकों के परिवारों के प्रति दुख जताते हुए कहा कि उन्हें इस नुकसान का बेहद अफसोस है।
'मैंने गलत कहा था'
लुटनिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि G20 इनोवेशन समिट में AI को लेकर बातचीत के दौरान ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़े एक सवाल का जवाब देते समय उनसे गलती हुई। उन्होंने कहा कि वह उस समय वेनेजुएला में हुए सैन्य अभियान के बारे में सोच रहे थे, जिसमें किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी की मौत नहीं हुई थी। इसी वजह से उन्होंने ईरान में अमेरिकी सैनिकों की मौत को लेकर गलत जानकारी दे दी।
9/11 का भी किया जिक्र
लुटनिक ने 9/11 हमले की 25वीं बरसी का जिक्र करते हुए अमेरिकी सेना और देश की सेवा करने वाले सैनिकों के बलिदान को याद किया। उन्होंने बताया कि 9/11 के हमले में उन्होंने अपने भाई गैरी, अपने करीबी दोस्त डग और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में मारे गए कई अन्य परिचितों को खोया था। उन्होंने कहा कि ऐसा हमला दोबारा कभी नहीं होना चाहिए और सैनिकों के बलिदान के लिए वह बेहद आभारी हैं।
ट्रंप के पोस्ट के बाद मांगी माफी
लुटनिक का गलत बयान बुधवार सुबह एक इंटरव्यू के दौरान सामने आया था। शुरुआत में इस पर ज्यादा ध्यान नहीं गया। हालांकि, गुरुवार सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर पोस्ट किया। ट्रंप के पोस्ट के करीब 45 मिनट बाद लुटनिक ने सार्वजनिक रूप से अपना बयान सुधारते हुए माफी मांग ली।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी को लेकर अमेरिकी प्रशासन पहले भी सवालों के घेरे में रहा है। जुलाई में रक्षा विभाग की वेबसाइट से चार मौतों और कई घायल सैनिकों से जुड़े आंकड़े हटाए जाने के बाद भी सवाल उठे थे। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ इससे पहले सैनिकों की मौत को लेकर मीडिया कवरेज की आलोचना कर चुके हैं। मार्च में उन्होंने कहा था कि जब ड्रोन हमले या ऐसी दुखद घटनाएं होती हैं तो उन्हें मीडिया में काफी प्रमुखता मिलती है।




















