PU Special :बेटी के स्कूल एडमिशन पर बढ़ा पति-पत्नी का विवाद, फैमिली कोर्ट की मीडिएशन से एक साल बाद फिर साथ रहने को तैयार

पल्लवी वाघेला, भोपाल। चार साल की बेटी के स्कूल एडमिशन और उसके लिए स्कूल चुनने को लेकर पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच गया। पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई और पति-पत्नी ने एक-दूसरे के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज करा दिए। करीब एक साल तक अलग रहने के बाद आखिरकार फैमिली कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की काउंसलिंग से दोनों के बीच की गलतफहमी दूर हो गई। मीडिएशन के दौरान पति-पत्नी आमने-सामने बैठे और अपनी-अपनी बात रखी। इसके बाद दोनों ने पुराने विवाद भुलाकर फिर से साथ रहने की सहमति दे दी। पति ने बेटी का एडमिशन पत्नी की पसंद के स्कूल में कराने पर रजामंदी जताई, जबकि पत्नी ने भी छोटी-छोटी बातों को भविष्य में विवाद का कारण नहीं बनाने का भरोसा दिया। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का फैसला किया।
बेटी के स्कूल एडमिशन से शुरू हुआ विवाद
मामला भोपाल के करोंद क्षेत्र में रहने वाले एक दंपति का है, जिनकी शादी वर्ष 2015 में हुई थी। दंपति के दो बच्चे हैं। बेटा वर्तमान में 7 साल का है, जबकि बेटी की उम्र 4 साल है। करीब एक साल पहले बेटी के स्कूल में एडमिशन को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई थी। धीरे-धीरे यह बहस गंभीर विवाद में बदल गई। इसके बाद पत्नी दोनों बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई। पत्नी ने पति के खिलाफ पहले दहेज प्रताड़ना और बाद में भरण-पोषण के लिए मामला दर्ज कराया। इसके जवाब में पति ने भी Section 9 के तहत वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए फैमिली कोर्ट में प्रकरण दायर कर दिया। विवाद से जुड़े मामले बाद में फैमिली कोर्ट के मीडिएशन सेंटर पहुंचे, जहां दोनों की काउंसलिंग की गई।
बेटी के साथ भेदभाव का था पत्नी को शक
काउंसलिंग के दौरान विवाद की असली वजह सामने आई। पत्नी के मन में यह बात बैठ गई थी कि पति बेटे और बेटी की पढ़ाई को लेकर अलग-अलग व्यवहार कर रहा है। पत्नी ने बताया कि उनका बेटा भोपाल के एक बड़े निजी स्कूल में पढ़ता है। जब बेटी के एडमिशन की बात आई तो पति उसे घर के नजदीक स्थित स्कूल में दाखिला दिलाना चाहता था।
पति ने कहा- बेटी को कम दूरी का स्कूल इसलिए चुन रहा था
काउंसलिंग के दौरान पति ने पत्नी के आरोपों को गलतफहमी बताया। उसने कहा कि उसे बेटी की पूरी चिंता है और वह उसे बहुत प्यार करता है।
आमने-सामने बैठकर दूर हुई गलतफहमी
फैमिली कोर्ट के मीडिएशन सेंटर में काउंसलिंग के दौरान जब दोनों ने एक-दूसरे की बात विस्तार से सुनी तो उनके बीच बनी गलतफहमी दूर हो गई। पति ने पत्नी की पसंद के स्कूल में बेटी का एडमिशन कराने पर सहमति दे दी। वहीं पत्नी ने भी माना कि भविष्य में छोटी-छोटी बातों को बड़ा विवाद बनने से रोकने के लिए आपसी बातचीत और समझदारी से काम लिया जाएगा। मीडिएशन के बाद करीब एक साल से अलग रह रहे पति-पत्नी ने फिर से साथ रहने का फैसला किया। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की भी सहमति दे दी।
Section 9 का मामला भी हुआ खत्म
पत्नी द्वारा दहेज प्रताड़ना और भरण-पोषण से संबंधित प्रकरण दर्ज कराने के बाद पति ने Section 9 के तहत केस दायर किया था। मीडिएशन में समझौता होने के बाद दंपति ने सभी लंबित मामलों को वापस लेने पर रजामंदी जताई।




















