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MP में मौसम का डबल अटैक! भोपाल, इंदौर समेत इन 10 जिलों में भारी बारिश, अन्य जिलों में येलो अलर्ट

MP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश ने फिर बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं। छतरपुर, पन्ना, सतना और टीकमगढ़ में पानी भर गया। 30 अगस्त को 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। जानिए भोपाल का मौसम, किन जिलों में तेज बारिश होगी, अब तक कितनी बारिश हुई और किन जिलों में सामान्य से ज्यादा या कम बारिश दर्ज की गई।
MP में मौसम का डबल अटैक! भोपाल, इंदौर समेत इन 10 जिलों में भारी बारिश, अन्य जिलों में येलो अलर्ट
MP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश ने फिर बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं।

मध्य प्रदेश में अगस्त की विदाई बारिश के साथ हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। छतरपुर, पन्ना, सतना और टीकमगढ़ में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, रविवार यानी 30 अगस्त को भी प्रदेश के सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी भोपाल में आज अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में हल्की बारिश या रिमझिम फुहारें देखने को मिल सकती हैं।

शनिवार को बारिश ने मचाई तबाही

मौसम का असर शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में साफ दिखाई दिया। छतरपुर, पन्ना, सतना और टीकमगढ़ में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए। चित्रकूट में गोरगी बांध फूटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी भर गया। मंदाकिनी नदी भी करीब 30 फीट के उफान पर रही। पानी का बहाव इतना तेज था कि रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। कई इलाकों में हालात बिगड़ने के बाद नावों की मदद से लोगों को निकालने का काम किया गया। रामघाट और भरतघाट पूरी तरह पानी में डूब गए। घाट के आसपास बनी करीब 400 दुकानें भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गईं। नयागांव राजमहल तक पानी पहुंच गया। कई लोग घरों और होटलों में फंसे रहे, जिन्हें निकालने के लिए SDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं।

सतना में रेलवे ट्रैक और थाने में घुसा पानी

सतना जिले में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। मझगवां में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। इसकी वजह से आनंद विहार से रीवा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को कई घंटों तक खड़ा रहना पड़ा। नागौद में बाढ़ का पानी थाने और पेट्रोल पंप तक पहुंच गया। वहीं, कोठी में एक मकान गिरने से चार भैंस मलबे में दब गईं। इनमें से दो की मौत हो गई।

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पन्ना में गांव बने टापू

पन्ना जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ और वे टापू जैसे नजर आने लगे। शनिवार को बानसुजारा बांध के 8 गेट खोल दिए गए। इसके बाद धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा गया। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।

लो प्रेशर एरिया की वजह से मजबूत हुआ मौसम सिस्टम

मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, प्रदेश में बना लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है। इसी वजह से शनिवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रविवार को भी इसका असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा।

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आज इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

30 अगस्त को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों के अलावा प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

अब तक 27 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से कम

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 694.5 मिलीमीटर यानी करीब 27 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य तौर पर इस समय तक प्रदेश में करीब 762.3 मिलीमीटर यानी 30 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक करीब 2.7 इंच बारिश कम हुई है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 9 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश 5 फीसदी कम रही, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 फीसदी कम पानी गिरा है।

39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19 फीसदी तक कम रही है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 1 से 50 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1 से 51 फीसदी तक कम बारिश हुई है।

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इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश के कुछ जिलों में इस बार बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर रहा है। अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा और बढ़ सकता है। वहीं, जिन इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, वहां लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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