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चित्रकूट में चारों तरफ बाढ़ का सैलाब! 350 लोगों का रेस्क्यू, हेलिकॉप्टर से बचाई 2 जान, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश

सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। कई इलाकों में पानी भरने के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।

सतना के चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के उफान के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। पानी बढ़ने से कई इलाकों में लोग फंस गए। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से दो लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जबकि NDRF और SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

चित्रकूट में बाढ़ के बाद तेज हुआ रेस्क्यू अभियान

मंदाकिनी नदी में अचानक बढ़े पानी के कारण चित्रकूट क्षेत्र में हालात बिगड़ गए। बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई लोग फंस गए, जिसके बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य को तेज किया। प्रशासन की टीमों के साथ NDRF और SDRF के जवान भी मौके पर तैनात हैं। बचाव दल लगातार उन इलाकों में पहुंच रहे हैं, जहां पानी भरने के कारण लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की जरूरत है। बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए सेना का हेलिकॉप्टर भी राहत अभियान में लगाया गया। हेलिकॉप्टर की मदद से दो लोगों को सुरक्षित निकालकर दूसरी जगह पहुंचाया गया।

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हेलिकॉप्टर से दो लोगों का एयरलिफ्ट

बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे दो लोगों को जमीन के रास्ते निकालना मुश्किल था। ऐसे में सेना के हेलिकॉप्टर की मदद ली गई। दोनों लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि जहां सड़क या नाव के जरिए पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां जरूरत के अनुसार हेलिकॉप्टर और दूसरी बचाव सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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रात में भी चलता रहा SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन

बाढ़ के हालात को देखते हुए SDRF की टीम ने रात में भी बचाव अभियान जारी रखा। टीमों का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड, सतना ने बताया कि SDRF की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही है। बचाव दल पानी के बीच फंसे लोगों की जानकारी जुटाकर उन्हें सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी व्यक्ति को लंबे समय तक बाढ़ के बीच फंसा न रहना पड़े।

चित्रकूट में अब तक 250 लोगों का रेस्क्यू

प्रशासन के अनुसार, चित्रकूट क्षेत्र में अब तक करीब 250 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बचाव अभियान अभी भी जारी है। वहीं पूरे सतना जिले की बात करें तो अब तक करीब 350 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी के जलस्तर और पानी के बहाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की आपात बैठक

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। उन्होंने रीवा संभाग और खास तौर पर सतना तथा चित्रकूट में भारी बारिश और मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से पैदा हुए हालात की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें रीवा और सतना में भारी बारिश की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह सीधे रीवा पहुंचे, ताकि अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति और लोगों की परेशानियों को समझा जा सके।

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अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के अंतिम दौर में भी बारिश को लेकर पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपनी पूरी क्षमता के साथ लोगों की मदद करने का प्रयास करेगी। बाढ़ या जलभराव से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने दूसरे प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली। छतरपुर में जलभराव की खबरों को लेकर भी सावधानी बरतने और जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ-साथ प्रशासन प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री भी पहुंचा रहा है। जिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है, उनके लिए भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। चित्रकूट में प्रशासन ने जरूरतमंद लोगों के बीच 2,300 फूड पैकेट वितरित किए हैं। राहत टीमों की कोशिश है कि बाढ़ के कारण प्रभावित हुए परिवारों को खाने-पीने की परेशानी न हो।

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लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता

मंदाकिनी नदी में बाढ़ के बाद प्रशासन, NDRF, SDRF और होमगार्ड की टीमें लगातार मैदान में काम कर रही हैं। रेस्क्यू अभियान दिन-रात चलाया जा रहा है। प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी जारी है।

फिलहाल चित्रकूट और आसपास के इलाकों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नदी के बढ़ते पानी और मौसम की स्थिति को देखते हुए बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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