MP में भारी बारिश से हाहाकार, CM डॉ. मोहन यादव पहुंचे रीवा, 700 लोगों का रेस्क्यू, 10 जगह बनाए गए राहत शिविर

मध्य प्रदेश के रीवा और सतना जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। उफनती नदियों और तेज बारिश से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने रीवा के सर्किट हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रीवा और सतना के कलेक्टरों से हालात की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव की मदद जल्द से जल्द पहुंचाई जाए। साथ ही लोगों को भोजन, कपड़े, दवाइयां और साफ पीने का पानी उपलब्ध कराने को कहा।
खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे CM
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह आज खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान वे राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में चल रही व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। फिलहाल प्रशासन, SDRF और अन्य राहत टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। करीब 700 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 10 राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
चित्रकूट में बिगड़े हालात, रेस्क्यू टीमें तैनात
लगातार बारिश और सिमरावल नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण चित्रकूट क्षेत्र में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई गई। कई जगह पानी भरने के कारण लोग फंस गए। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। जहां भी कोई व्यक्ति फंसा है या उसे मदद की जरूरत है, वहां तुरंत रेस्क्यू टीम पहुंचाई जाए। अब तक करीब 700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से और बाकी लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
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10 जगह बनाए गए राहत और आश्रय स्थल
बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग 10 स्थानों पर राहत और आश्रय स्थल बनाए हैं। इन शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा सुविधा और पीने के पानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रभावित परिवार को जरूरी सामान की कमी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और बचाव अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चित्रकूट के श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर खास ध्यान
चित्रकूट में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जाएं। सद्गुरु आश्रम में रुके श्रद्धालुओं की भी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन से कहा गया है कि श्रद्धालुओं के मोबाइल नंबर लेकर उनके परिवार वालों से संपर्क कराया जाए, ताकि वे अपने परिजनों से बात कर सकें और उन्हें सुरक्षित होने की जानकारी मिल सके।
जैतवारा में फंसे लोगों के लिए खाने-पानी की व्यवस्था
जैतवारा गांव में बड़ी संख्या में लोगों के रुके होने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वहां प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त भोजन, पानी और कपड़ों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। राहत टीमों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बाढ़ के कारण किसी व्यक्ति को जरूरी सुविधाओं की कमी न हो। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
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नया गांव डैम को नुकसान, नुकसान का हो रहा सर्वे
भारी बारिश और बाढ़ के बीच नया गांव डैम को भी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से डैम को हुए नुकसान और मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। सरकार की ओर से नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। इसके लिए प्रभावित इलाकों में सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ के कारण घरों, फसलों और पशुओं को हुए नुकसान का भी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
पशुहानि होने पर भी मिलेगी मदद
बाढ़ से सिर्फ लोगों को ही नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि कई जगह पशुओं के प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुहानि का भी आकलन किया जाए और पात्र लोगों को सहायता राशि दी जाए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को RBC 6/4 के प्रावधानों के तहत राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि बाढ़ से हुए नुकसान की सही जानकारी जल्द जुटाई जाए, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
‘हर फंसे व्यक्ति तक पहुंचना हमारी प्राथमिकता’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संकट के समय सरकार और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों की जान बचाना है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई व्यक्ति फंसा है या खतरे में है, उसे तत्काल मदद पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू अभियान में नाव और हेलीकॉप्टर दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राहत टीमों को पूरी क्षमता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी और राहत कार्य में किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी।



















