मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अगली तारीख 12 अगस्त तय, सरकार ने छह साल बाद बदला रुख

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में टल गई। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान सरकार ने पहली बार OBC छात्रों की याचिका का समर्थन करते हुए अपना रुख बदला, लेकिन अतिरिक्त समय की मांग भी की।
OBC छात्रों की ओर से रखा गया पक्ष
OBC महासभा और छात्रों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी, एडवोकेट वरुण ठाकुर, एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा और रामकरण प्रजापति ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट में कहा कि जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में 27% आरक्षण लागू किया गया है, उसी प्रकार मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि लाखों चयनित अभ्यर्थियों का रिजल्ट होल्ड किया गया है, जिससे सरकारी नियुक्तियां अटकी पड़ी हैं।
सरकार ने मांगा समय, कोर्ट ने जताई नाराजगी
सरकार ने कोर्ट में एक बार फिर समय की मांग की, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने सरकार से स्पष्ट पूछा कि जब कानूनन 27% आरक्षण पर कोई रोक नहीं है, तो इसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा। कोर्ट ने इस मामले को 12 अगस्त को टॉप ऑफ द बोर्ड सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
वर्षों से रुकी हैं भर्तियां, रिक्तियां भरने की मांग तेज
बता दें कि कांग्रेस सरकार ने 2019 में OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% किया था, जिसे 2022 में बीजेपी सरकार ने रोक दिया था। इससे प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्तियां ठप हो गई हैं और लाखों पद खाली पड़े हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं।












