Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

घटिया वर्दी के विरोध में भोपाल में जुटे प्रदेशभर के कोटवार, खरीदी की जांच और सेवा भूमि का पट्टा देने की मांग

मध्यप्रदेश के 35 हजार से अधिक कोटवारों ने भोपाल के शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन कर वर्दी खरीदी की जांच, सेवा भूमि का स्थायी पट्टा, नियमितीकरण और मानदेय बढ़ाने की मांग की।
घटिया वर्दी के विरोध में भोपाल में जुटे प्रदेशभर के कोटवार, खरीदी की जांच और सेवा भूमि का पट्टा देने की मांग
घटिया वर्दी के विरोध में भोपाल में जुटे प्रदेशभर के कोटवार

भोपाल। मध्यप्रदेश के 35 हजार से अधिक कोटवार राजस्व विभाग की ओर से ठेकेदारों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही वर्दी की गुणवत्ता को लेकर नाराज हैं। उनका आरोप है कि वर्दी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन उन्हें बेहद घटिया गुणवत्ता की वर्दी दी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर आजाद कोटवार संघ के बैनर तले प्रदेशभर के कोटवारों ने शनिवार को भोपाल के शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वर्दी खरीदी की प्रक्रिया सार्वजनिक करने, घटिया वर्दी की खरीद की जांच कराने और सेवा भूमि का स्थायी पट्टा देने सहित कई मांगें उठाईं।

तीन साल पहले तक मिलती थी राशि, अब ठेकेदारों से आ रही वर्दी

कोटवारों का कहना है कि करीब तीन साल पहले तक वर्दी खरीदने के लिए उन्हें राशि दी जाती थी लेकिन अब राजस्व विभाग ठेकेदारों के माध्यम से वर्दी उपलब्ध करा रहा है। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था में मिलने वाली वर्दी की गुणवत्ता बेहद खराब है। कोटवारों ने मांग की कि सरकार वर्दी खरीदी की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करे और अब तक खरीदी गई घटिया गुणवत्ता की वर्दी की जांच कराए। आजाद कोटवार संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरवीर सिंह यादव ने कहा कि वर्दी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद कोटवारों को अच्छी गुणवत्ता की वर्दी नहीं मिल रही है। उन्होंने ठेकेदारों के माध्यम से वर्दी उपलब्ध कराने की मौजूदा व्यवस्था बंद करने और पहले की तरह वर्दी के लिए राशि देने की मांग की।

सेवा भूमि का स्थायी पट्टा और मालिकाना हक देने की मांग

प्रदर्शन के दौरान कोटवारों ने सेवा भूमि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संघ की मांग है कि कोटवारों को दी गई सेवा भूमि का मालिकाना हक दिया जाए और इसके लिए स्थायी पट्टे जारी किए जाएं। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे कोटवारों को भूमि के संबंध में स्थायी अधिकार मिलना चाहिए।

नियमितीकरण, पदोन्नति और मानदेय बढ़ाने की भी मांग

कोटवारों ने अपनी सेवा शर्तों में सुधार की मांग करते हुए नियमितीकरण और पदोन्नति का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा उन्होंने वर्तमान मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।

सीहोर में कोटवारों की हड़ताल से राजस्व कामकाज प्रभावित, 28 अक्टूबर तक धरना जारी रखने का ऐलान

ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, BMS पदाधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान कोटवारों की ओर से ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई थी लेकिन उनके मुताबिक ज्ञापन लेने के लिए कोई सरकारी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद भारतीय मजदूर संघ (BMS) के पदाधिकारियों ने उनका ज्ञापन लिया। कोटवारों ने अपना ज्ञापन BMS पदाधिकारी राजेंद्र नायक को सौंपा।हरवीर सिंह यादव ने बताया कि इससे पहले 4 सितंबर 2026 को भी भोपाल में तिरंगा यात्रा निकालकर सरकार को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक मांगों का निराकरण नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के कोटवार अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंच रहे हैं। जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रखा जाएगा।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

Latest Posts