सिंगरौली: मरीज को खटिया पर ले गए परिजन, हरनाडोल में एंबुलेंस कीचड़ में फंसी
सिंगरौली। जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर हुई इस घटना ने विकास के सरकारी दावों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है। गांव तक पहुंचने वाली 108 एंबुलेंस कच्चे रास्ते और कीचड़ में फंस गई, जिसके बाद परिजनों को बुजुर्ग को कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।
सांस लेने में तकलीफ होने पर बिगड़ी बुजुर्ग की तबीयत
हरनाडोल निवासी 75 वर्षीय जसपाल प्रजापति की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद एंबुलेंस गांव के पास पहुंची, लेकिन आगे का रास्ता खराब होने से मरीज के घर तक नहीं पहुंच सकी।
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कीचड़ में फंस गई 108 एंबुलेंस
एंबुलेंस गांव के आगे कच्चे रास्ते पर बारिश के कारण बने गहरे कीचड़ में फंस गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर वाहन को बाहर निकाला, लेकिन इसके बाद भी एंबुलेंस मरीज के घर तक नहीं पहुंच पाई। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने बुजुर्ग को खटिया पर लिटाया।
खटिया पर लिटाकर मुख्य सड़क तक ले गए परिजन
परिजन जसपाल प्रजापति को खटिया पर लिटाकर कंधों पर उठाते हुए दलदल भरे रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए भेजा गया। इस घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
डेढ़ किलोमीटर सड़क का संपर्क मार्ग अधूरा
ग्रामीणों का आरोप है कि भाटी गांव से हरनाडोल मोहल्ले तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क बनी हुई है, लेकिन आगे का संपर्क मार्ग लंबे समय से अधूरा पड़ा है। बारिश के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी होती है।
प्रशासन ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
देवसर प्रभारी तहसीलदार धर्मप्रकाश मिश्रा ने बताया कि हरनाडोल मोहल्ले में सड़क नहीं होने का मामला संज्ञान में आया है। बुजुर्ग मरीज को खटिया पर ले जाने से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों की आवागमन संबंधी समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।






















