फोन की जरूरत होगी कम? Meta ने लॉन्च किया कीचेन में लगने वाला छोटू AI डिवाइस, नाम है Muse Charm

नई दिल्ली। AI अब सिर्फ फोन या कंप्यूटर की स्क्रीन तक सीमित नहीं रहना चाहता। Meta ने एक ऐसे छोटे AI डिवाइस का प्रोटोटाइप पेश किया है, जिसे जेब में रखा जा सकता है या चाबी के गुच्छे के साथ लगाया जा सकता है। इसका नाम Muse Charm है। Meta Connect 2026 में दिखाए गए इस डिवाइस के जरिए यूजर बिना फोन अनलॉक किए और बिना कोई ऐप खोले AI से बात कर सकेगा।
छोटा डिवाइस, AI से सीधे बातचीत
Muse Charm को एक छोटे AI रिमोट की तरह समझा जा सकता है। इसमें Meta का Muse AI और रियल-टाइम वॉयस सिस्टम दिया गया है। डिवाइस के कोने में मौजूद सेंसर को टैप करके Muse से बातचीत शुरू की जा सकती है। इसमें एक छोटी स्क्रीन भी दी गई है, जिस पर Muse का डिजिटल अवतार दिखाई देता है। इसे जेब में रखा जा सकता है और कीचेन की तरह चाबियों के साथ भी लगाया जा सकता है। इसकी खास बात यह है कि AI का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार फोन निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी यूजर सीधे छोटे डिवाइस के जरिए Muse से बात कर सकेगा।
सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगा Muse
Muse Charm के पीछे Meta का Muse AI है, जिसे कंपनी ने सितंबर की शुरुआत में पेश किया था। Meta के मुताबिक, Muse सामान्य चैटबॉट से अलग तरीके से काम करने के लिए बनाया गया है। इसमें यूजर सिर्फ सवाल पूछने के बजाय AI को कोई काम भी दे सकता है। मसलन, Muse ईमेल भेजने, यात्रा की योजना बनाने, वेबसाइट पर काम करने और फॉर्म भरने जैसे डिजिटल कामों को पूरा करने की कोशिश कर सकता है। बड़े काम को छोटे-छोटे चरणों में बांटकर उस पर काम करने की क्षमता भी इसमें बताई गई है। Meta के मुताबिक, लंबे काम के दौरान ऐप बंद होने के बाद भी Muse काम जारी रख सकता है और जरूरत पड़ने पर यूजर से अनुमति मांग सकता है।
संवेदनशील काम से पहले लेगा अनुमति
Meta ने Muse के लिए एक अलग Secure VM भी तैयार किया है। कंपनी के मुताबिक, इसमें AI और यूजर का डेटा एक अलग वर्चुअल कंप्यूटर में रखा जाता है। संवेदनशील काम जैसे ईमेल भेजना या खरीदारी करना शुरू करने से पहले यूजर की अनुमति ली जाएगी। यानी Meta का लक्ष्य सिर्फ बातचीत करने वाला AI तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसा AI बनाना है जो यूजर की ओर से डिजिटल दुनिया में काम भी कर सके।
फोन के बजाय हर समय साथ रहने वाला AI
Meta के मुताबिक, Muse Charm का मकसद सुविधा बढ़ाना है। अगर Muse पहले से फोन पर उपलब्ध है, तो अलग डिवाइस की जरूरत क्यों होगी? कंपनी का तर्क है कि इसके लिए बार-बार फोन निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कॉन्सेप्ट Meta के AI ग्लास की रणनीति से भी जुड़ा है। कंपनी AI को स्मार्ट ग्लास में भी ले जा रही है। Connect इवेंट में बताया गया कि Muse को Meta के AI ग्लास से जोड़ा जाएगा। ऐसे में यूजर बिना फोन निकाले AI से बातचीत कर सकेगा। Muse Charm इसी विचार का दूसरा रूप है। अगर यूजर ने AI ग्लास नहीं पहना है, तो जेब या कीचेन में रखा छोटा डिवाइस AI तक पहुंचने का तेज तरीका बन सकता है।
अभी बाजार में नहीं मिलेगा Muse Charm
फिलहाल Muse Charm को खरीदा नहीं जा सकता। Meta ने Connect 2026 में इसका प्रोटोटाइप दिखाया है और कहा है कि इसके बारे में ज्यादा जानकारी इस साल बाद में दी जाएगी। मार्क जुकरबर्ग ने संकेत दिया है कि कंपनी इसे दिसंबर में छुट्टियों के मौसम तक उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। हालांकि, इसकी कीमत और पूरी तकनीकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस वजह से फिलहाल इसकी बैटरी, कनेक्टिविटी और पूरी क्षमता को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। इसे अभी तैयार प्रोडक्ट के बजाय Meta की AI हार्डवेयर रणनीति की झलक के तौर पर देखा जा सकता है।
Meta का AI को लेकर बड़ा प्लान
Meta Connect 2026 के ऐलानों को देखें तो कंपनी AI को सिर्फ फोन और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी इसे स्मार्ट ग्लास, ऑडियो डिवाइस और अब छोटे जेब में रखे जा सकने वाले डिवाइस तक ले जा रही है। Muse Charm इसी बदलाव का छोटा उदाहरण है। अगर इसे सही कीमत और अनुभव के साथ बाजार में उतारा जाता है, तो AI इस्तेमाल करने का तरीका सिर्फ फोन में ऐप खोलने तक सीमित नहीं रह सकता। हालांकि, फिलहाल यह देखना बाकी है कि लोग AI के लिए अपने साथ एक अलग छोटा डिवाइस रखना कितना पसंद करते हैं।




















