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दिवाली के बाद बदल जाएंगे UPI पेमेंट के नियम! दुकानदारों को देना पड़ सकता है MDR चार्ज, जानें किस पर कितनी लगेगी फीस?

दिवाली के बाद UPI पेमेंट के नियमों में बदलाव हो सकता है। 2,000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR चार्ज लगाने का प्रस्ताव है।
दिवाली के बाद बदल जाएंगे UPI पेमेंट के नियम! दुकानदारों को देना पड़ सकता है MDR चार्ज, जानें किस पर कितनी लगेगी फीस?
UPI New Rules 2026 के तहत बड़े दुकानदारों को 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ पेमेंट पर 0.4% MDR देना पड़ सकता है।

अगर आप दुकान चलाते हैं या अपने बिजनेस में Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप से पेमेंट लेते हैं, तो आपके लिए एक अहम खबर है। दिवाली के बाद UPI पेमेंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, 2,000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर दुकानदारों को 0.4% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना पड़ सकता है। यानी अब डिजिटल पेमेंट स्वीकार करना कुछ कारोबारियों के लिए महंगा हो सकता है। हालांकि, आम ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें UPI से पेमेंट करने पर अलग से कोई चार्ज नहीं देना होगा। छोटे दुकानदारों को भी कुछ शर्तों के तहत MDR से छूट मिलती रहेगी। 

2,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा चार्ज?

UPI के जरिए रोजाना करोड़ों लोग खरीदारी से लेकर बिल भुगतान तक करते हैं। अब इसी डिजिटल पेमेंट सिस्टम में कुछ बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, 2,000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR चार्ज लगाया जा सकता है। यह फीस दुकानदार या कारोबारी को पेमेंट प्रोसेस करने वाली व्यवस्था के लिए चुकानी होगी। इसका मतलब है कि अगर कोई ग्राहक किसी बड़े रिटेलर को 10,000 रुपए का भुगतान करता है, तो पात्र ट्रांजैक्शन पर कारोबारी को 40 रुपए MDR देना पड़ सकता है। हालांकि, यह नियम हर UPI पेमेंट पर लागू नहीं होगा। ट्रांजैक्शन की कैटेगरी और कारोबारी की पात्रता के आधार पर ही शुल्क तय होगा।

UPI New Rules 2026: दुकानदारों और ग्राहकों को राहत, 2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR चार्ज दिवाली तक टला

क्या है UPI MDR चार्ज?

MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट एक तरह की प्रोसेसिंग फीस है। जब कोई दुकानदार डिजिटल माध्यम से भुगतान स्वीकार करता है, तो उस पेमेंट को प्रोसेस करने में बैंक और पेमेंट से जुड़ी कंपनियों की भूमिका होती है। इस पूरी प्रक्रिया के बदले कारोबारी से जो शुल्क लिया जाता है, उसे MDR कहते हैं। यह रकम पेमेंट सिस्टम से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों और बैंकों के बीच बांटी जाती है। आसान भाषा में समझें तो ग्राहक UPI से भुगतान करता है, लेकिन उस ट्रांजैक्शन को पूरा कराने की व्यवस्था का खर्च कुछ पात्र मामलों में दुकानदार को उठाना पड़ सकता है।

3,000 से 75,000 रुपए तक के पेमेंट पर कितना लगेगा MDR?

प्रस्तावित दरों के मुताबिक, कुछ पात्र मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगाया जाएगा। वहीं, 75,000 रुपए या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम शुल्क 300 रुपए तक सीमित रहेगा। ध्यान रखें कि ये उदाहरण प्रस्तावित दरों के आधार पर हैं। वास्तविक शुल्क संबंधित ट्रांजैक्शन की पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

दुकानदारों और कारोबारियों को देना पड़ सकता है UPI चार्ज?

नए प्रस्ताव में अलग-अलग तरह के कारोबारियों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है।

1. बड़े दुकानदार और रिटेलर्स- बड़े रिटेलर्स और कारोबारी जो 2,000 रुपए से ज्यादा के पात्र UPI पेमेंट लेते हैं, उन्हें 0.4% MDR देना पड़ सकता है। हालांकि, 75,000 रुपए या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम शुल्क 300 रुपए होगा।

2. छोटे दुकानदारों को मिलेगी राहत- छोटे व्यापारियों के लिए राहत की बात यह है कि पात्र P2PM कैटेगरी के दुकानदारों को जीरो MDR का फायदा मिलता रहेगा। इसमें वे पात्र छोटे दुकानदार शामिल हैं, जो UPI QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपए तक सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त करते हैं।

3. रेलवे, टेलीकॉम और फ्यूल सेक्टर- रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और खेती से जुड़ी कुछ निर्धारित कैटेगरी के पेमेंट पर 0.4% के बजाय 5 रुपए का फ्लैट शुल्क प्रस्तावित है।

4. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े पेमेंट- कैपिटल मार्केट से जुड़े कुछ ट्रांजैक्शन जैसे म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉकब्रोकर के भुगतान पर 0.02% MDR प्रस्तावित है। इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए होगी।

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क्या आम ग्राहकों को देना होगा UPI पेमेंट चार्ज?

इस बदलाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब PhonePe, Google Pay और Paytm से पेमेंट करने पर आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा? फिलहाल प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, आम ग्राहकों को अपने UPI पेमेंट पर अलग से MDR चार्ज नहीं देना होगा। यह शुल्क पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन में कारोबारी से लिया जाना है। यानी अगर आप किसी दुकान पर सामान खरीदते हैं और UPI से भुगतान करते हैं, तो आपको अलग से 0.4% फीस देने की जरूरत नहीं होगी। 

NPCI ने क्यों टाला UPI के नए नियमों का फैसला?

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने पहले इस व्यवस्था को 15 अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी की थी। लेकिन त्योहारों के सीजन को देखते हुए इसे आगे बढ़ा दिया गया। 13 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद NPCI ने संकेत दिया कि नए नियम दिवाली के तुरंत बाद लागू किए जा सकते हैं। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। ऐसे में दुकानदारों और कारोबारियों को सलाह है कि वे NPCI और अपने पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखें।

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क्या है सबसे जरूरी बात?

UPI MDR चार्ज का प्रस्ताव डिजिटल पेमेंट से जुड़े कारोबारियों के लिए अहम बदलाव हो सकता है। बड़े रिटेलर्स को कुछ ट्रांजैक्शन पर प्रोसेसिंग फीस देनी पड़ सकती है, जबकि पात्र छोटे दुकानदारों को जीरो MDR की सुविधा मिलती रहेगी। आम ग्राहकों के लिए फिलहाल राहत है, क्योंकि उन्हें अलग से UPI पेमेंट फीस नहीं देनी होगी। हालांकि, नियम लागू होने की तारीख और अंतिम शर्तों को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार करना जरूरी है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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