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MCC कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही:फसल बर्बाद, किसानों ने की कार्रवाई और मुआवजे की मांग

बाड़ी से बुधनी तक बन रहे नेशनल हाईवे फोरलेन में कार्यरत MCC कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही के कारण क्षेत्र के किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। कंपनी पर मनमानी और किसानों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
MCC कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही

बाड़ी। किसानों का आरोप है कि पुल निर्माण में उपयोग की गई सफेद स्टोन डस्ट बारिश के पानी के साथ खेतों में पहुंच गई, जिससे धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। शिकायत मिलने पर नायब तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। किसानों ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।

बारिश के पानी के साथ खेतों में पहुंची सफेद स्टोन डस्ट

घटना बाड़ी स्थित बाबई की नहर के पास की है। आरोप है कि पुल निर्माण के लिए कंपनी ने सफेद स्टोन डस्ट का भारी मात्रा में खुले में भंडारण कर रखा था। लगातार बारिश के कारण वहां पानी भर गया। किसानों का आरोप है कि ठेकेदार ने जेसीबी से नाली खुदवाकर भरा हुआ पानी सीधे किसानों के खेतों की ओर निकाल दिया। पानी के साथ बहकर आई करीब पांच इंच मोटी सफेद डस्ट की परत चार से पांच किसानों के खेतों में फैल गई और धान की खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।

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किसानों की फसल बर्बाद

पीड़ित किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत एक ही बारिश में खराब हो गई। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित किसान नारायण गौर, नर्मदा गौर और लोकेश गौर निवासी बाड़ी ने तहसील कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर नायब तहसीलदार सुशील चौरे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया।

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सूचना के बाद भी नहीं पहुंचा कंपनी का प्रतिनिधि

किसानों का कहना है कि सबसे गंभीर बात यह रही कि प्रशासन द्वारा सूचना दिए जाने के बाद भी MCC कंस्ट्रक्शन कंपनी का ठेकेदार और न ही कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाती तो इस तरह की स्थिति नहीं बनती। अब सभी प्रभावित किसान न्याय की मांग कर रहे हैं।

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प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा

नायब तहसीलदार सुशील चौरे ने कहा कि बकतरा-बुधनी सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा प्लांट की राख का इस्तेमाल किया गया है। वह पानी में बहकर खेतों में चली गई है, जिससे किसानों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों को आश्वस्त किया कि फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। किसानों ने भी मांग की है कि MCC कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे।

Edited By : Rohit Sharma

Buddhi Sharma
By Buddhi Sharma

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