नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए हैं उन्होंने पूछा कि चुनाव से ठीक पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में जल्द चुनाव होने हैं, उनमें SIR को लेकर दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। जो कि सीधे-सीधे भाजपा की मंशा दर्शा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने हैं, लेकिन SIR तीन राज्यों में हो रहा है, जबकि भाजपा-शासित असम में इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम ‘डबल इंजन’ सरकार वाला राज्य है, इसलिए वहां SIR नहीं कराया जा रहा।
घुसपैठियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा लगातार इस पर सवाल उठाती है, लेकिन सीमा सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे में अगर घुसपैठ हो रही है तो इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। ममता बनर्जी ने ये बयान दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके पीछे कई लोग बैठे नजर आए, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि ये सभी SIR के पीड़ित हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आयोग ने अपने ही दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। अभिषेक ने सवाल उठाया कि जब एक राज्य की मुख्यमंत्री द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे गए छह पत्रों का जवाब नहीं दिया गया, तो असल में बदतमीजी कौन कर रहा है।
इससे पहले, 2 फरवरी को ममता बनर्जी ने SIR के विरोध में काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान उनके साथ SIR से प्रभावित 13 परिवारों के सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के नेता भी मौजूद थे।