ममता का EC से तीखे सवाल!बंगाल में SIR जारी, असम में नहीं, घुसपैठियों को रोकना केंद्र की ड्यूटी हमारी नहीं

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए हैं उन्होंने पूछा कि चुनाव से ठीक पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में जल्द चुनाव होने हैं, उनमें SIR को लेकर दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। जो कि सीधे-सीधे भाजपा की मंशा दर्शा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने हैं, लेकिन SIR तीन राज्यों में हो रहा है, जबकि भाजपा-शासित असम में इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम ‘डबल इंजन’ सरकार वाला राज्य है, इसलिए वहां SIR नहीं कराया जा रहा।
घुसपैठ के लिए केंद्र जिम्मेदार- CM
घुसपैठियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा लगातार इस पर सवाल उठाती है, लेकिन सीमा सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे में अगर घुसपैठ हो रही है तो इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। ममता बनर्जी ने ये बयान दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके पीछे कई लोग बैठे नजर आए, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि ये सभी SIR के पीड़ित हैं।
ममता की SIR प्रोसेस को लेकर 6 बड़ी बातें
- सीएम ममता बनर्जी का कहना है कि कहा किचार राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने हैं, लेकिन SIR केवल तीन राज्यों में किया जा रहा है, जबकि भाजपा-शासित असम में ये नहीं हो रहा है।
- ममता ने आरोप लगाया कि असम ‘डबल इंजन’ सरकार वाला राज्य है, इसलिए वहां SIR नहीं कराया जा रहा।
- उन्होंने दावा किया कि SIR के पहले चरण में करीब 58 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं और प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने या खुद का बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी हकीकत की जांच किए बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
- आगे उनका यह भी कहना है कि इस मुद्दे पर उन्होंने चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे, लेकिन एक का लेटर का अब तक जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की, फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
- दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने कहा कि राष्ट्रीय मीडिया को शायद यह अंदाजा नहीं है कि बंगाल में वास्तव में क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह मीडिया की गलती नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था की कमी है, जहां असली मुद्दे सही तरीके से सामने नहीं आ पाते।
- दूसरी ओर संसद में विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए ममता ने कहा कि वह संसद की सदस्य नहीं हैं, इसलिए सीधे वहां अपनी बात नहीं रख पा रहीं, लेकिन टीवी पर जो देखा, उसमें विपक्ष भी प्रभावी ढंग से मुद्दा नहीं उठा पा रहा है।
बदतमीजी कौन कर रहा हम जानते हैं- अभिषेक बनर्जी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आयोग ने अपने ही दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। अभिषेक ने सवाल उठाया कि जब एक राज्य की मुख्यमंत्री द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे गए छह पत्रों का जवाब नहीं दिया गया, तो असल में बदतमीजी कौन कर रहा है।
इससे पहले, 2 फरवरी को ममता बनर्जी ने SIR के विरोध में काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान उनके साथ SIR से प्रभावित 13 परिवारों के सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के नेता भी मौजूद थे।











