बेटमा पुलिस ने 48 घंटे में सकुशल नाबालिग को किया बरामद, घर से नाराज होकर चली गई थी बच्ची

बेटमा। पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहायता के जरिए बालिका की तलाश की। लगातार प्रयासों के बाद 21 सितंबर की रात करीब 8 बजे बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
बिना बताए घर से चली गई थी नाबालिग
पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे मां विहार कॉलोनी, कालिबिल्लौद बेटमा निवासी फरियादी ने थाना बेटमा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री बिना बताए घर से कहीं चली गई है। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन बालिका का कोई पता नहीं चल सका।
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सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की तलाश
नाबालिग बालिका के गुम होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी के निर्देशन में बालिका की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई और संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की गई।
सीसीटीवी और तकनीकी सहायता से पता लगाया
पुलिस टीम ने बालिका के संबंध में आसपास के लोगों से पूछताछ की और संभावित स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी सहायता लेते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी तलाश तेज की गई, जिसके बाद 21 सितंबर की रात करीब 8 बजे बालिका को दस्तयाब कर लिया गया।
मोबाइल चलाने से मना करने पर थी नाराज
पुलिस द्वारा बालिका से पूछताछ करने पर उसने बताया कि माता-पिता ने उसे मोबाइल चलाने से मना किया था, जिससे वह नाराज हो गई थी। इसी नाराजगी के चलते वह बिना बताए घर से निकल गई थी। पुलिस ने बालिका को सुरक्षित दस्तयाब करने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कोर्ट में पेश किया जा रहा
बालिका के दर्ज कराने के लिए उसे माननीय न्यायालय देपालपुर के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई में उप निरीक्षक मुन्नालाल डोडियार, उप निरीक्षक अंकिता जाट, प्रधान आरक्षक 2073 दीपेन्द्र जाट और महिला आरक्षक 217 संगीता की सराहनीय भूमिका रही।




















