मनावर में कब्रिस्तान तक पहुंची अल्ट्राटेक सीमेंट की खुदाई, वक्फ बोर्ड ने कार्रवाई की बात कही

भोपाल। अल्ट्राटेक सीमेंट की खुदाई का दायरा मनावर तहसील के टोंकी से बढ़कर अवल्दा तक पहुंचने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, ग्राम चिराखान में जिस जगह खुदाई चल रही है, वहां आदिवासियों के कब्जे वाला पुराना कब्रिस्तान है, जहां कई मुर्दों को दफनाया जा चुका है। स्थानीय लोगों, क्षेत्रीय आदिवासियों या मप्र वक्फ बोर्ड से अनुमति नहीं लिए जाने का आरोप है।
टोंकी से अवल्दा तक बढ़ा खुदाई का दायरा
मनावर तहसील के टोंकी में अल्ट्राटेक सीमेंट की फैक्ट्री मौजूद है और कंपनी की खुदाई का दायरा बढ़ते हुए अवल्दा तक पहुंच गया है। आरोप है कि खनिज विभाग की अनदेखी के चलते ऐसे स्थानों पर भी खुदाई की गई, जिनके लिए कंपनी के पास विधिवत अनुमति नहीं है। अब अवल्दा ग्राम की तरफ भी खुदाई बढ़ाए जाने की बात सामने आ रही है।
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वक्फ बोर्ड से अनुमति नहीं लेने का दावा
आरोप है कि अल्ट्राटेक सीमेंट ने स्थानीय लोगों, क्षेत्रीय आदिवासियों या मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से इस जमीन पर खुदाई के लिए कोई अनुमति नहीं ली है। मामले में खनिज विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि विभाग की अनदेखी के चलते कंपनी का उत्खनन क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्राचीन मंदिर और गुफाओं पर भी मंडरा रहा खतरा
टोंकी में जिस जगह अल्ट्राटेक की खुदाई चल रही है, उसके आसपास कई प्राचीन मंदिर मौजूद हैं। इनमें शिव, सीता और हनुमान मंदिर के साथ प्राचीन गुफाएं भी बताई गई हैं। देवरा स्थित इस क्षेत्र का संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन है और आरोप है कि दिल्ली से लिए गए वर्षों पुराने आदेश को आधार बनाकर कंपनी लगातार खुदाई कर रही है, जिससे आगे इन ऐतिहासिक और पुरातत्विक संपदाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
वक्फ बोर्ड ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि धार जिले की मनावर तहसील की जानकारी मिली है। कब्रिस्तान को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले में अब यह देखना होगा कि कब्रिस्तान में खुदाई और अनुमति से जुड़े आरोपों पर संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करता है।




















