लगातार 8वें हफ्ते गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 570 अंक टूटा; 25 साल पहले आया था ऐसा दौर

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार आठवें हफ्ते भी जारी रहा। 1 अक्टूबर को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 570 अंक यानी 0.79% गिरकर 71,910 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 198 अंक यानी 0.88% की गिरावट रही और यह 22,422 के स्तर पर आ गया। ऑटो और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
25 साल में सबसे लंबा गिरावट का दौर
बाजार लगातार आठवें हफ्ते लाल निशान में बंद हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 25 सालों में यह गिरावट का सबसे लंबा दौर है। इससे पहले 2001 में शेयर बाजार लगातार 9 हफ्तों तक गिरावट में रहा था।
जनवरी में निफ्टी अपने 26,373 के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था। मौजूदा स्तर के मुकाबले इंडेक्स करीब 15% नीचे आ चुका है। बाजार के प्रचलित मानकों के मुताबिक, किसी इंडेक्स के अपने उच्चतम स्तर से 20% गिरने पर उसे आधिकारिक तौर पर ‘बेयर मार्केट’ की स्थिति माना जाता है।
बाजार में गिरावट की 3 बड़ी वजहें
1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ मंगलवार और बुधवार को विदेशी निवेशकों ने 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे। बुधवार तक इस हफ्ते उनकी कुल बिकवाली करीब 26 हजार करोड़ रुपये पहुंच गई थी। बीते 7 दिनों में FII/FPI की नेट बिकवाली करीब 29,176 करोड़ रुपये रही। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसी अवधि में करीब 26,252 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव की एक वजह बताई जा रही है। 10 साल के अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5.33% और 30 साल के बॉन्ड की यील्ड 5.67% पहुंच गई है। सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी सरकारी बॉन्ड में ज्यादा रिटर्न मिलने पर विदेशी निवेशकों के लिए शेयर बाजार से पैसा निकालकर बॉन्ड में निवेश करना आकर्षक हो सकता है। इससे भारतीय इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
3. रुपए में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, रुपया गिरकर 95.98 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। सरकारी बैंकों की ओर से डॉलर की बिक्री के जरिए रुपए को सहारा देने की कोशिश की गई, लेकिन करेंसी में कमजोरी का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
Moneyview के शेयर 62% प्रीमियम पर लिस्ट
डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म Moneyview के शेयरों की बाजार में मजबूत लिस्टिंग हुई। कंपनी के शेयर ₹34 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 61.76% ऊपर ₹55 पर लिस्ट हुए। Moneyview का IPO 24 से 28 सितंबर के बीच खुला था और यह 98.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 227 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुई थी।
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एशियाई बाजारों में तेजी
जहां भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही, वहीं एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और जापान के निक्केई में बढ़त रही, जबकि हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में भी तेजी दर्ज की गई। इससे पहले 30 सितंबर को अमेरिकी बाजार में भी मिला-जुला रुख रहा था। डाउ जोन्स 444 अंक गिरा, जबकि नैस्डैक में मामूली बढ़त दर्ज की गई। S&P 500 भी गिरावट के साथ बंद हुआ। फिलहाल भारतीय बाजार लगातार आठवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है। अब निवेशकों की नजर विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, रुपए की चाल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड पर रहेगी।




















