पेड़ या पानी का फव्वारा? 25 साल से लगातार बह रहा पानी, रहस्य जानकर चौंक जाएंगे!

प्रकृति में कई ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं, जिन्हें पहली नजर में देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी ही एक हैरान करने वाली घटना मॉन्टेनेग्रो के डिनोसा गांव में देखने को मिलती है। यहां तेज बारिश होते ही एक पुराना शहतूत का पेड़ पानी उगलने लगता है। पेड़ के खोखले तने से पानी इतनी तेजी से बाहर निकलता है कि वह किसी फव्वारे या प्राकृतिक वॉटर जेट जैसा नजर आता है। इस अनोखे नजारे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा है। हालांकि, इसके पीछे कोई रहस्य या चमत्कार नहीं, बल्कि जमीन के नीचे होने वाली एक प्राकृतिक जल प्रक्रिया को वजह माना जाता है।
बारिश होते ही क्यों निकलता है पेड़ से पानी?
डिनोसा इलाके में भारी बारिश के दौरान जमीन के नीचे मौजूद प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ जाता है। इससे भूमिगत पानी का दबाव भी बढ़ता है। पुराने शहतूत के पेड़ का तना अंदर से काफी खोखला है और इसमें जमीन के अंदर तक जाने वाली प्राकृतिक दरारें और रास्ते मौजूद हैं। जब भूमिगत जल का दबाव बढ़ता है, तो पानी इन्हीं रास्तों से ऊपर की तरफ आने लगता है। इसके बाद पानी पेड़ के तने में बने एक बड़े छेद से बाहर निकलता है। तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव इतना ज्यादा हो सकता है कि पूरा नजारा किसी फव्वारे जैसा दिखाई देता है।
करीब 100 से 150 साल पुराना बताया जाता है पेड़
जानकारों के मुताबिक, यह शहतूत का पेड़ करीब 100 से 150 साल पुराना हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान पेड़ से पानी निकलने की यह घटना पिछले कई वर्षों से देखी जा रही है। बारिश बढ़ने पर आसपास की जमीन में मौजूद दूसरे छोटे छिद्रों और जलमार्गों से भी पानी बाहर आने लगता है। इससे पूरा इलाका पानी के छोटे-छोटे प्राकृतिक स्रोतों से भर जाता है।
एस्टोनिया में भी दिखता है ऐसा ही नजारा
प्रकृति का ऐसा अनोखा जल-खेल सिर्फ मॉन्टेनेग्रो तक सीमित नहीं है। एस्टोनिया के तुहाला गांव में भी भारी बारिश के दौरान ऐसी ही हैरान करने वाली घटना देखने को मिलती है। यहां मौजूद ‘विचेस वेल’ यानी चुड़ैल का कुआं भूमिगत जलप्रवाह से जुड़ा हुआ है। भारी बारिश के दौरान जमीन के नीचे पानी का दबाव बढ़ने पर कुएं से पानी बाहर निकलने लगता है।
स्थानीय मान्यता के मुताबिक, इस दौरान कुएं से निकलने वाला पानी चुड़ैलों के जमीन के नीचे बने सौना में इकट्ठा होने और वहां शोर मचाने की वजह से बाहर आता है। हालांकि, यह एक लोककथा है। असल में पानी के उफान के पीछे भूमिगत जलप्रवाह और बढ़ा हुआ जल दबाव वैज्ञानिक कारण माना जाता है।
प्रकृति का अनोखा खेल
मॉन्टेनेग्रो का पानी उगलता शहतूत का पेड़ और एस्टोनिया का ‘विचेस वेल’ दिखाते हैं कि प्रकृति के सामान्य लगने वाले नियम भी कई बार बेहद दिलचस्प नजारे पैदा कर सकते हैं। भारी बारिश, भूमिगत जलस्रोत और बढ़ता पानी का दबाव मिलकर ऐसी घटनाओं को जन्म देते हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में किसी चमत्कार जैसा महसूस हो सकता है।




















