मढ़ई के गेट खुले, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लौटी रौनक; पर्यटकों का फूलों से हुआ स्वागत
सोहागपुर। पर्यटन सत्र के पहले दिन मढ़ई पहुंचे पर्यटकों का सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गुलाब के फूल भेंट कर स्वागत किया। पहले दिन ही सभी सफारी वाहनों की बुकिंग फुल रही और दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से पर्यटक पहुंचे। सफारी के दौरान पर्यटकों को सांभर, चीतल, बायसन, नीलगाय और भालू सहित कई वन्यजीव देखने का मौका मिला।
फूल भेंट कर पर्यटकों का किया स्वागत
मढ़ई के प्रवेश द्वार खुलने के साथ ही जंगल सफारी और प्राकृतिक पर्यटन की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। पहले दिन यहां पहुंचे पर्यटकों का एसटीआर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्प भेंट कर भावभीना स्वागत किया। डिप्टी डायरेक्टर ऋषिभा सिंह नेताम, एसडीओ शिवप्रसाद मैथानी, रेंजर राहुल उपाध्याय, बफर रेंजर विलासराव डोगरे, डिप्टी रेंजर अनिल मालवीय और नरपत अलावा सहित विभागीय अमले ने पर्यटकों को गुलाब के फूल भेंट कर जंगल सफारी के लिए रवाना किया।
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पहले दिन सभी सफारी वाहनों की बुकिंग फुल
मढ़ई की नैसर्गिक खूबसूरती और वन्यजीवों की गतिविधियों को करीब से देखने के आकर्षण के चलते पर्यटन सत्र के पहले ही दिन पर्यटकों में खासा उत्साह नजर आया। प्रबंधन के अनुसार पहले दिन की सभी सफारी गाड़ियों की बुकिंग पहले ही हो चुकी थी। दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से पर्यटक मढ़ई पहुंचे और जंगल की खूबसूरती का आनंद लिया।
जंगल में सांभर, चीतल और बायसन दिखे
दिल्ली से 10 लोगों के दल के साथ पहली बार मढ़ई पहुंचे विनोद कराते ने बताया कि सतपुड़ा का मढ़ई क्षेत्र अद्भुत है। यहां प्राकृतिक सुंदरता के साथ वन संपदा और वन्यजीवों की विविधता पर्यटकों को आकर्षित करती है। सफारी के दौरान पर्यटकों को सांभर, चीतल, बायसन, नीलगाय और भालू सहित विभिन्न वन्यजीवों को देखने का अवसर मिला। कुछ पर्यटकों द्वारा बाघ के दीदार किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
नन्ही गिलहरी से वन्यजीव संरक्षण का संदेश
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए बफर क्षेत्र में साइकिल के माध्यम से नन्ही गिलहरी की आवाज लोगों तक पहुंचाने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य पर्यटकों और आमजन को वन्यजीवों और जंगल के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। विनोद कराते ने कहा कि पहली बार किसी पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों का इस तरह स्वागत देखकर अच्छा लगा। उन्होंने सफारी के दौरान वन्यजीवों को बिना डरे विचरण करते देखना अलग अनुभव बताया।
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चार पुरानी गाड़ियों की जगह नई गाड़ियां
डिप्टी डायरेक्टर ऋषिभा सिंह नेताम ने बताया कि मढ़ई पर्यटन क्षेत्र को और अधिक सुंदर और पर्यटक-अनुकूल बनाने के लिए प्रयास किए गए हैं। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे अपने साथ लाई गई किसी भी वस्तु को जंगल में न फेंकें और वन क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। इस पर्यटन सत्र में चार पुरानी गाड़ियों को हटाकर नई गाड़ियां लगाई गई हैं। पर्यटकों के लिए मोबाइल फोन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, जबकि वे अपने साथ कैमरा ले जा सकेंगे।























