सीहोर में उम्र को मात दे रही योग की पाठशाला, 84 की उम्र में भी चरण सिंह की ऊर्जा युवाओं को दे रही संदेश

सीहोर। शहर के मंडी स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में सुबह छह बजते ही योग की पाठशाला सज जाती है। खुली हवा, अनुशासित दिनचर्या और योग-प्राणायाम के बीच हर उम्र के लोग स्वस्थ जीवन का संकल्प लेते नजर आते हैं। खास बात यह है कि इस पाठशाला में वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी उम्र को महज एक आंकड़ा साबित करती है। 84 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक चरण सिंह राजपूत से लेकर 50 और 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके कई लोग नियमित योगाभ्यास कर खुद को ऊर्जावान बनाए हुए हैं।
84 की उम्र में भी पूरे उत्साह से योग
योग की पाठशाला से जुड़े कपिल सूर्यवंशी ने बताया कि शहर के कई गणमान्य नागरिक और वरिष्ठजन नियमित रूप से इस समूह का हिस्सा हैं। यहां योगाचार्य दिनेश शर्मा द्वारा नि:शुल्क योग और प्राणायाम कराया जाता है। समूह में सबसे अधिक उम्र के 84 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक चरण सिंह राजपूत हैं, जो आज भी पूरी ऊर्जा और अनुशासन के साथ योगाभ्यास करते हैं।
वरिष्ठों की नियमित उपस्थिति बन रही मिसाल
चरण सिंह राजपूत के साथ एमपीईबी से सेवानिवृत्त 70 वर्षीय मांगीलाल मालवीय, 64 वर्षीय गल्ला व्यापारी राजेश खंडेलवाल, 62 वर्षीय गल्ला व्यापारी राजकुमार राठौर, 61 वर्षीय शर्मा मावा भंडार संचालक सुभाष शर्मा, 60 वर्षीय खाद व्यापारी बाबूलाल मेवाड़ा और 60 वर्षीय खाद व्यापारी हनुमत मेवाड़ा नियमित योग करते हैं। इनके अलावा 57 वर्षीय व्यापारी राजेश गुप्ता, 55 वर्षीय ठेकेदार वीरेंद्र सिंह और 53 वर्षीय सोसायटी कर्मचारी भारत सिंह चौहान भी सुबह समय पर मैदान पहुंचते हैं।
योगाचार्य दिनेश शर्मा कराते हैं अभ्यास
62 वर्षीय शिक्षक और योगाचार्य दिनेश शर्मा प्रतिदिन समूह के सदस्यों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराते हैं। उनका प्रयास रहता है कि योग को केवल व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि नियमित जीवनशैली के रूप में अपनाया जाए। सुबह का यह एक घंटा शरीर के साथ मन को भी अनुशासित करने का माध्यम बन रहा है।
‘योग से स्वस्थ हूं, डॉक्टरों से दूर हूं’
84 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक चरण सिंह राजपूत कहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ आमतौर पर लोग कई तरह की शारीरिक परेशानियों से घिर जाते हैं, लेकिन नियमित योग ने उन्हें सक्रिय बनाए रखा है। उनका कहना है कि वे खुद को स्वस्थ महसूस करते हैं और योग उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
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एक घंटे का योग, पूरे दिन की ताजगी
गल्ला व्यापारी राजेश खंडेलवाल के अनुसार सुबह एक घंटे का योग पूरे दिन शरीर में ताजगी बनाए रखता है। व्यापार की व्यस्तता और तनाव के बावजूद वे दिनभर सक्रिय महसूस करते हैं। उनके मुताबिक योग का असर केवल शरीर पर नहीं, बल्कि मानसिक स्थिति पर भी दिखाई देता है।
रिटायरमेंट के बाद योग ने दी नई ऊर्जा
70 वर्षीय मांगीलाल मालवीय बताते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद अक्सर दिनचर्या धीमी पड़ जाती है, लेकिन योग ने उन्हें सक्रिय बनाए रखा। उनका संदेश है कि उम्र चाहे कितनी भी हो, नियमित योग के लिए रोज कम से कम एक घंटा निकालना चाहिए।
योग के साथ सेवा और सामाजिक सरोकार
कपिल सूर्यवंशी ने बताया कि योग की पाठशाला का उद्देश्य केवल सदस्यों को स्वस्थ रखना नहीं है। समूह पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, प्रकृति की रक्षा, सामाजिक जागरूकता और शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहता है। जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने सहित विभिन्न जनसेवा गतिविधियां भी समूह द्वारा की जाती हैं।
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स्वस्थ शरीर से स्वस्थ समाज का संकल्प
योगाचार्य दिनेश शर्मा कहते हैं कि योग को हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बेहतर जीवन जीने की कला है। नियमित योग और प्राणायाम से शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में मदद मिलती है। उनका संदेश है कि जब व्यक्ति स्वस्थ और सकारात्मक रहेगा, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र भी मजबूत बनेगा।



















