QR पर काला कपड़ा, UPI का विरोध... MP में व्यापारियों का ‘नो-UPI डे’

भोपाल। मध्य प्रदेश में बुधवार को व्यापारियों ने UPI पर प्रस्तावित चार्ज के विरोध में ‘नो-UPI डे’ मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने ₹2 हजार से ज्यादा के UPI पेमेंट स्वीकार नहीं किए। दुकानों पर लगे QR स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधकर विरोध जताया गया। कुछ जगहों पर UPI का प्रतीकात्मक पुतला भी लटकाया गया।
भोपाल में पुराने शहर के बाजारों में ज्यादा असर
भोपाल के पुराने शहर के थोक किराना, दवा, सराफा, कपड़ा और लोहा बाजार में विरोध का असर दिखाई दिया। व्यापारियों ने QR स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधा। वहीं, नए शहर के न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, कोलार रोड, होशंगाबाद रोड, बावड़ियाकलां, रायसेन रोड और अवधपुरी जैसे इलाकों में ‘नो-UPI डे’ का खास असर नहीं दिखा। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता अजय देवनानी ने कहा कि UPI पर प्रस्तावित शुल्क उचित नहीं है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। सराफा कारोबारियों ने भी आशंका जताई कि अतिरिक्त लागत का असर आगे चलकर कीमतों पर पड़ सकता है।

इंदौर में 150 से ज्यादा व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
इंदौर में टाइल्स एंड सैनिटरी वेयर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने रीगल स्क्वायर पर प्रदर्शन किया। इसमें 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने ‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए। राजवाड़ा के व्यापारियों ने दुकानों पर पोस्टर लगाकर प्रस्तावित व्यवस्था वापस लेने की मांग की। रिटेल गारमेंट्स कारोबारियों ने भी QR और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधकर विरोध जताया।
ग्वालियर में UPI लेना-देना दोनों बंद
ग्वालियर में व्यापारियों ने UPI से न तो भुगतान लिया और न ही किया। दुकानों के QR कोड पर काली पट्टी लगाई गई। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से GST, इनकम टैक्स समेत कई तरह के टैक्स का भुगतान करते हैं। ऐसे में अतिरिक्त चार्ज से कारोबार की लागत बढ़ने की चिंता है।
जबलपुर में पर्चे बांटकर समर्थन मांगा
जबलपुर में विभिन्न संगठनों ने मालवीय चौक पर पर्चे बांटे और लोगों से ‘नो-UPI डे’ का समर्थन करने की अपील की। संगठनों का कहना है कि अगर व्यापारियों की लागत बढ़ती है तो उसका असर सामान की कीमतों पर पड़ सकता है।
उज्जैन में सामान्य रहा UPI लेनदेन
उज्जैन में ‘नो-UPI डे’ का खास असर नहीं दिखा। अलग-अलग व्यापारी संगठनों और पेट्रोल पंप व्यवसाय संघ ने किसी विरोध से इनकार किया। यहां UPI से सामान्य लेनदेन जारी रहा।
15 अक्टूबर से प्रस्तावित है 0.4% MDR
व्यापारियों के विरोध की मुख्य वजह 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित UPI MDR व्यवस्था है। इसके तहत कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन में ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे ज्यादा के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 बताई गई है। यह शुल्क व्यापारी पर लागू होगा, ग्राहक से सीधे वसूलने के लिए नहीं। NPCI से जुड़े स्पष्टीकरण के मुताबिक, छोटे कारोबारियों और कम मूल्य वाले कई लेनदेन पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
व्यापारियों को अतिरिक्त लागत की चिंता
व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल का कहना है कि प्रस्तावित MDR से खास तौर पर थोक कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। उनका दावा है कि थोक किराना कारोबार में बड़ी संख्या में लेनदेन ₹2 हजार से अधिक के होते हैं। उनके मुताबिक, 15 लीटर तेल के एक जार की कीमत करीब ₹2,200 तक होती है। ऐसे में ग्राहक UPI से भुगतान करता है तो प्रस्तावित MDR का खर्च व्यापारी को उठाना पड़ सकता है। व्यापारी संगठनों की मांग है कि ₹2 हजार से ज्यादा के UPI भुगतान पर प्रस्तावित चार्ज को वापस लिया जाए।




















