जीतू पटवारी के बयान पर सीएम ने किया पलटवार, बोले- पहले परमिशन नहीं मिल रही थी, अब पैसों का मुद्दा उठा रहे

भोपाल। जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपए शुल्क लिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अंग्रेजों के समय भी आंदोलन और सभाओं के लिए फीस नहीं लगती थी। उन्होंने दावा किया कि पांच साल में RSS के एक हजार कार्यक्रम हुए, लेकिन सरकार ने उनसे एक रुपए शुल्क नहीं लिया। मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को कांग्रेस का चरित्र बताते हुए कहा कि पहले एक करोड़ रुपए तक देने की बात कही जा रही थी और अब 10 लाख रुपए पर हाय-हाय की जा रही है। सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान, रक्तदान शिविरों और स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को निशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा देने की भी जानकारी दी।
जीतू पटवारी के बयान पर सीएम ने किया पलटवार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले यह आरोप लगा रही थी कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है। अब जब अनुमति दे दी गई है तो पैसों की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब कार्यक्रम के लिए राशि देने की बात आई थी, तब कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा था कि अगर एक करोड़ रुपए भी लगेंगे तो वे देने को तैयार हैं। अब 10 लाख रुपए शुल्क लिए जाने पर सवाल उठाया जा रहा है। सीएम ने कांग्रेस से पूछा कि आखिर वह यह सब क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने अंदर झांककर देखना चाहिए।
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आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बहुत पवित्र दिन है, इसलिए वह इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। हालांकि उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र को कलंकित करने का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि आपातकाल लगाने का काम कांग्रेस ने किया था और उस दौरान कई लोगों को जेल की सलाखों के पीछे अपना समय गुजारना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोगों के अंग-भंग हुए और कई लोगों ने अपने प्राण भी गंवाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने अतीत और अपने कार्यों को भी देखना चाहिए।
'कर्नाटक में एक भी महिला मंत्री को मौका नहीं मिला'
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कर्नाटक सरकार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार चल रही है, लेकिन वहां सरकार के अंदर एक भी महिला मंत्री को मौका नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कांग्रेस के अंदर का चरित्र और माता-बहनों के प्रति उनकी दृष्टि क्या है, इसे भी समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरे दलों पर सवाल उठाने से पहले अपने काम और अपनी व्यवस्था पर भी नजर डालनी चाहिए। सीएम ने नेता प्रतिपक्ष के प्रदेश दौरे को लेकर उम्मीद जताई कि वे जब यहां आएं तो केन-बेतवा सहित राज्य के सभी क्षेत्रों में हो रही प्रगति को लेकर सकारात्मक सुझाव भी दें।
प्रदेश में 290 प्लड डोनेशन कैंप आयोजित किए गए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हुई है। इसके तहत प्रदेशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के जेपी अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल हुए और रक्तदान करने वाले छात्र-छात्राओं और भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा प्रदेश इकाई के आह्वान पर प्रदेश में करीब 290 से ज्यादा स्थानों पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए गए हैं। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार इन शिविरों में 6,744 यूनिट ब्लड डोनेट किया जा चुका है।
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स्वामित्व योजना में 50 लाख लोगों को निशुल्क रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है। हमारे रक्त देने से कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद आती है और उन्हें मेडिकल मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुनाव के आंकड़े सामने आते हैं, उसी तरह रक्तदान के आंकड़े भी सामने आ रहे हैं। सीएम ने इसके साथ ही स्वामित्व योजना को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 50 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को फ्री रजिस्ट्री की सुविधा दी जाएगी। उनके मुताबिक सिर्फ पट्टा देने से समस्या का समाधान नहीं होता, क्योंकि कई योजनाओं का लाभ और बैंक से लोन भी नहीं मिल पाता। सरकार करीब 50 लाख लोगों की एक महीने में निशुल्क रजिस्ट्री कराकर देगी और इस योजना की शुरुआत इंदौर से की जा रही है।




















