शाहगंज बायपास पर VUP को लेकर विवाद, ग्रामीण बोले- जरूरत वाली जगह छोड़कर हो रहा निर्माण

सीहोर। सीहोर से करीब 125 किलोमीटर दूर शाहगंज बायपास पर निर्माणाधीन अंडरपास यानी VUP की जगह को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। प्रस्तावित निर्माण स्थल को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और नगरवासियों में नाराजगी है। लोगों ने NHAI और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्माण स्थल पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह अंडरपास की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां निर्माण नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि दूसरी जगह VUP का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि बायपास बनने के बाद किसानों, ग्रामीणों और राहगीरों के लिए सुरक्षित रास्ते की जरूरत बढ़ गई है। ऐसे में VUP ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए, जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा हो और दुर्घटनाओं का खतरा भी अधिक हो। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्तावित जगह वास्तविक जरूरत के मुताबिक नहीं है। इसी को लेकर उन्होंने अधिकारियों से निर्माण स्थल की दोबारा जांच कराने की मांग की है।
राजनीतिक दबाव का आरोप
स्थानीय किसान नीरज शिवहरे सहित अन्य लोगों ने क्षेत्रीय अधिकारी, NHAI भोपाल को अभ्यावेदन देकर निर्माण स्थल को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते मूल ड्राइंग और प्लान में बदलाव किए गए हैं और अब अलग चेनज पर निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निजी जमीन पर निर्माण का भी आरोप
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को लेकर जमीन से जुड़ा मुद्दा भी उठाया है। उनका आरोप है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के बावजूद किसानों की निजी जमीन पर निर्माण कराया जा रहा है। किसानों का कहना है कि निर्माण शुरू करने से पहले भूमि अधिग्रहण, स्वीकृत नक्शे और मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उनका कहना है कि पहले से दिए गए अभ्यावेदनों पर भी अधिकारियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
हादसे वाली जगह पर VUP की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, पहले दिए गए अभ्यावेदन में बायपास के एक पैकेज क्षेत्र को दुर्घटना संभावित बताया गया था। इसी जगह VUP की जरूरत बताई गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि इस बिंदु को नजरअंदाज कर दूसरी जगह निर्माण आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सिर्फ VUP की जगह का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
किसान ने कहा- जरूरत वाली जगह छोड़ दी
किसान राजेश साहू ने आरोप लगाया कि शाहगंज बायपास पर VUP का निर्माण गलत स्थान पर किया जा रहा है। उनके मुताबिक, जिस जगह दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा है और जहां किसानों व आम लोगों को आवागमन के लिए अंडरपास की वास्तविक जरूरत है, उस जगह को छोड़ दिया गया है। उन्होंने राजनीतिक दबाव और अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का दावा
राजेश साहू के मुताबिक, VUP से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में ग्रामीणों ने विवादित निर्माण कार्य को फिलहाल रोकने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि सभी आपत्तियों, तकनीकी दस्तावेजों और स्वीकृत नक्शे की दोबारा जांच की जाए। इसके बाद जनता की वास्तविक जरूरत को ध्यान में रखते हुए VUP की जगह तय की जाए।
NHAI ने तकनीकी प्रक्रिया का दिया हवाला
मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों के अनुसार, हाईवे और VUP का निर्माण स्थल तय करने की प्रक्रिया तकनीकी मानकों के आधार पर होती है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए स्वीकृत ड्राइंग, सर्वे रिपोर्ट और सक्षम अधिकारियों की मंजूरी का पालन किया जाता है। ऐसे में VUP की जगह को लेकर उठे सवालों का अंतिम समाधान संबंधित दस्तावेजों, स्वीकृत नक्शे और तकनीकी जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।




















