सीहोर: रेडिएंट होटल में पुरानी ग्रेवी मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग ने लिए बेसन-कॉर्न स्टार्च और नमक के सैंपल

सीहोर। खाद्य सुरक्षा अधिकारी एडलिन पन्ना के अनुसार होटल रेडिएंट की रसोई के निरीक्षण के दौरान पहले से तैयार रखी ग्रेवी मिली, जिसे होटल कर्मचारियों द्वारा 1-2 दिन पुराना बताया गया। विभाग ने ग्रेवी को जांच के दायरे में लेते हुए उसका नमूना लिया। इसके साथ ही खाना तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले बेसन, कॉर्न स्टार्च और नमक के सैंपल भी लिए गए हैं। विभाग अब इन नमूनों की जांच के बाद ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट करेगा।
सिर्फ ग्रेवी नहीं, पूरी रसोई पर नजर
खाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई को केवल नमूने लेने तक सीमित नहीं रखा। निरीक्षण के दौरान रसोई में खाद्य पदार्थों के रखरखाव, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण की स्थिति भी देखी गई। होटल प्रबंधन को खाद्य सामग्री को निर्धारित तरीके से रखने और रसोई की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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पानी की रिपोर्ट और कर्मचारियों की फिटनेस मांगी
भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी विभाग ने होटल प्रबंधन से वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अलावा रसोई में काम करने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगे गए हैं। होटल संचालक ने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए विभाग से 10 से 14 दिन का समय मांगा है।
फ्रीजर में खाद्य सामग्री रखने पर भी सख्ती
निरीक्षण के दौरान फ्रीजर में रखी खाद्य सामग्री के तरीके पर भी विभाग ने आपत्ति जताई। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फ्रीजर में रखे जाने वाले खाद्य पदार्थों को ढककर और सुरक्षित तरीके से रखा जाए। अलग-अलग खाद्य सामग्री के सीधे संपर्क में आने से संक्रमण या दूषित होने की आशंका को देखते हुए खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण पर विशेष जोर दिया गया।
नाना घर रिजॉर्ट के बाद रेडिएंट पर कार्रवाई
रेडिएंट होटल पर हुई कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही आष्टा के नाना घर रिजॉर्ट में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान एक्सपायरी पापड़ और चावलों में कीड़े मिलने का मामला सामने आया था। विभाग ने संबंधित खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। इस कार्रवाई के बाद जिले में होटल और रिजॉर्ट की रसोई व्यवस्था को लेकर विभाग की सक्रियता चर्चा में है।
आष्टा में कई प्रतिष्ठानों से भी नमूने
नाना घर रिजॉर्ट की जांच के दौरान विभागीय टीम ने न्यू मनोज रेस्टोरेंट से भाजीबड़ा और कचौड़ी के नमूने लिए थे। वहीं राधा रानी रिजॉर्ट से दाल और चावल, ओम शिवम किराना एवं जनरल स्टोर से रोस्टेड चने का नमूना संग्रहित किया गया था। इन नमूनों को भी खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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गणेश मंदिर के प्रसाद भंडार भी कार्रवाई से नहीं बचे
खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के गणेश मंदिर परिसर स्थित प्रसाद भंडारों पर भी जांच की थी। कार्रवाई के दौरान राधे-राधे प्रसाद भंडार पर पुराने और बासी लड्डू मिलने पर उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। कचौड़ी तलने के लिए बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे तेल को भी फिंकवाया गया। प्रथम श्री प्रसाद भंडार की खाद्य सामग्री की भी जांच की गई।
अब प्रयोगशाला रिपोर्ट खोलेगी गुणवत्ता का राज
रेडिएंट होटल सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य नमूनों की जांच अब राजकीय खाद्य प्रयोगशाला में होगी। फिलहाल नमूने लिए जाने के बाद अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट आने पर ही सामने आएगा। अगर किसी नमूने में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
लगातार कार्रवाई से होटल-रिजॉर्ट संचालकों में हलचल
जिले में लगातार सामने आ रही कार्रवाई ने खाद्य कारोबारियों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कभी एक्सपायरी सामग्री, कभी बासी खाद्य पदार्थ और अब होटल की रसोई में पुरानी ग्रेवी मिलने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज है। विभाग की कार्रवाई से होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट और खाद्य कारोबारियों में हलचल है। अब निगाहें उन नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि संबंधित खाद्य सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।




















