Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

पांढुर्णा में मिड-डे मील पर संकट, रसोइया महिलाओं की हड़ताल से स्कूलों में नहीं बना खाना

पांढुर्णा जिले के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था रसोइया महिलाओं की हड़ताल से प्रभावित हो गई है। महिलाओं ने करीब चार महीने का भुगतान लंबित होने और 4 हजार रुपए मानदेय समय पर नहीं मिलने का आरोप लगाया है। रसोइया संघ ने लंबित राशि के भुगतान, खाद्यान्न उपलब्ध कराने और हर महीने तय तारीख पर भुगतान की मांग की है।
पांढुर्णा में मिड-डे मील पर संकट, रसोइया महिलाओं की हड़ताल से स्कूलों में नहीं बना खाना

छिंदवाड़ा। पांढुर्णा जिले के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन यानी मिड-डे मील की व्यवस्था बुधवार 16 सितंबर से प्रभावित हो गई। प्रांतीय महिला स्व-सहायता समूह महासंघ के आह्वान पर मध्यान्ह भोजन साझा चूल्हा रसोइया संघ ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने स्कूलों में खाना नहीं बनाया। जिन स्कूलों में मध्यान्ह भोजन नहीं बन सका, वहां बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल पाया।

4 महीने का भुगतान लंबित होने का आरोप

रसोइया संघ का कहना है कि मध्यान्ह भोजन शालाओं और आंगनवाड़ियों से जुड़ा करीब चार महीने का भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण भोजन सामग्री खरीदने और योजना का संचालन करने में परेशानी हो रही है। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय तक उधार लेकर स्कूलों में भोजन की व्यवस्था करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है।

4 हजार रुपए मानदेय भी समय पर नहीं मिलने का दावा

स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिला कल्पना कलमबे ने बताया कि स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनाने के काम के लिए उन्हें करीब 4 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि यह राशि भी समय पर नहीं मिलती। महिलाओं के मुताबिक, भुगतान में देरी के कारण घर के रोजमर्रा के खर्च के साथ स्कूलों में भोजन की व्यवस्था संभालना मुश्किल हो रहा है। नियमित भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Breaking News

रसोइया संघ ने रखीं कई मांगें

रसोइया संघ ने टीएचआर योजना के तहत गेहूं और चावल की उचित मात्रा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों की 15 दिन की राशि और जून 2024, जून 2025 तथा जून 2026 की राशि का भुगतान करने की मांग भी की गई है। संघ ने मध्यान्ह भोजन और रसोइया राशि के भुगतान के लिए हर महीने एक निश्चित तारीख तय करने की मांग रखी है। महिलाओं का कहना है कि इससे उन्हें भुगतान के लिए बार-बार इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

प्रशासन को पहले ही दी थी सूचना

रसोइया संघ ने हड़ताल शुरू करने से पहले जिला प्रशासन को पत्र देकर आंदोलन की जानकारी दी थी। इसके अलावा बीआरसी कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग और संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठकों को भी हड़ताल की सूचना दी गई है। संघ ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था कब तक प्रभावित रहेगी, यह मांगों के निराकरण पर निर्भर करेगा।

Shyam Sahu
By Shyam Sahu

छिंदवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार हैं। 25 वर्षों का अनुभव अपने क्षेत्र में शासन प्रशासन की खबरें पाठकों त...Read More

Latest Posts