दमोह की जलधारा से गुलजार होता है जबलपुर का निदान फॉल, प्राकृतिक खूबसूरती देख रह जाएंगे हैरान

मध्य प्रदेश के दमोह जिले की सीमाओं पर प्रकृति ने खूबसूरती बिखेर रखी है। कहीं ऊंची पहाड़ियां हैं तो कहीं घने जंगल, प्राकृतिक जलधाराएं और मनमोहक झरने। ऐसी ही एक प्राकृतिक खूबसूरती जबलपुर जिले के कटंगी क्षेत्र में स्थित निदान फॉल में देखने को मिलती है। खास बात यह है कि इस झरने को गुलजार करने वाली जलधारा का संबंध दमोह जिले से है। दमोह की ओर से आने वाला पानी पहाड़ियों और चट्टानों के बीच से गुजरते हुए निदान फॉल तक पहुंचता है और यहां खूबसूरत जलप्रपात का रूप ले लेता है।
दमोह की जलधारा से बनता है निदान फॉल का खूबसूरत नजारा
निदान फॉल भले ही जबलपुर जिले के कटंगी क्षेत्र में स्थित है, लेकिन इसकी प्राकृतिक खूबसूरती में दमोह की जलधारा की भी अहम भूमिका है। दमोह की ओर से आने वाला प्राकृतिक नाला पहाड़ी रास्तों और चट्टानों से गुजरकर यहां पहुंचता है। मध्यप्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित यह स्थल अपनी प्राकृतिक बनावट के लिए जाना जाता है। ऊंचाई से गिरता पानी, विशाल पहाड़ी चट्टानें और चारों तरफ फैली हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करती है। पहाड़ी पर बना मुनारा भी इस क्षेत्र की भौगोलिक और सीमावर्ती पहचान को दर्शाता है।
बारिश में और बढ़ जाती है झरने की खूबसूरती
निदान फॉल की खासियत सिर्फ ऊंचाई से गिरता पानी नहीं है। आसपास की पहाड़ियों और ऊंचे स्थानों से बहती जलधारा, घाटियों और हरियाली का शानदार नजारा दिखाई देता है। खासकर बारिश के मौसम में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है। प्रकृति प्रेमियों और घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए यह जगह किसी खूबसूरत ठिकाने से कम नहीं है। यहां पहुंचने वाले पर्यटक पहाड़ियों के बीच प्रकृति के शांत और खूबसूरत माहौल का आनंद ले सकते हैं।
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दमोह के रास्ते से भी पहुंच सकते हैं निदान फॉल
निदान फॉल तक पहुंचने का रास्ता केवल कटंगी की ओर से ही नहीं है। दमोह जिले के सिग्रामपुर से भैंसाघाट, देवरी, जमुनिया और इमझिर होते हुए भी यहां पहुंचा जा सकता है। हालांकि, इस मार्ग पर पर्याप्त सुविधाएं और बेहतर पहुंच मार्ग नहीं होने के कारण बहुत कम पर्यटक इस तरफ से पहुंच पाते हैं। वहीं, कटंगी की ओर से रास्ता अपेक्षाकृत आसान होने के कारण निदान फॉल की पहचान जबलपुर के पर्यटन स्थल के रूप में ज्यादा बनी है। यदि दमोह की ओर से पहुंच मार्ग को बेहतर बनाया जाए और जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं तो इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। इससे दमोह के सीमावर्ती इलाकों को भी नई पहचान मिल सकती है।
दमोह की सीमाओं पर छिपे हैं कई खूबसूरत पर्यटन स्थल
निदान फॉल के अलावा दमोह जिले की सीमाओं पर कई ऐसे स्थान हैं, जिनमें पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हैं। इनमें चौरैया, सिलापरी, पंचमनगर, दाना बब्बा, मनसादेवी, बगदरी, किशनगढ़ और सद्भावना शिखर जैसे स्थल शामिल हैं। इन जगहों की अपनी प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और भौगोलिक विशेषताएं हैं। इसके बावजूद अभी तक इन्हें पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में व्यापक पहचान नहीं मिल पाई है।
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सुविधाएं विकसित हों तो पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
दमोह के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सड़कें, बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और प्रचार-प्रसार पर ध्यान देने की जरूरत है। यदि इन स्थानों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो दमोह को धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान मिल सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।




















