CJP का कोच्चि में SIR के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन आज, प्रकाश राज संभालेंगे कमान; जानें क्यों सड़कों पर उतर रही पार्टी?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज यानी 7 नवंबर को छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी के मौके पर केरल के कोच्चि में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। पार्टी ने इस प्रदर्शन को 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' नाम दिया है। शाम 4 बजे राजेंद्र मैदान में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को वापस लेने की मांग है। इस आंदोलन की अगुवाई अभिनेता और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता प्रकाश राज समेत CJP के कई प्रमुख नेता करेंगे। दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम के बाद यह पार्टी का बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।
कोच्चि में क्यों हो रहा है CJP का विरोध प्रदर्शन?
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक X हैंडल के जरिए कोच्चि में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन किया जा रहा है। CJP का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जाने की आशंका है। पार्टी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को वापस लेने की मांग कर रही है। पार्टी ने इस प्रदर्शन को दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर आयोजित करने की योजना बनाई है। यही वजह है कि इसे 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' नाम दिया गया है। पार्टी का उद्देश्य दक्षिण भारत में इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाना और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आंदोलन से जोड़ना है।
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प्रकाश राज करेंगे विरोध प्रदर्शन की अगुवाई
कोच्चि में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता प्रकाश राज की भागीदारी को लेकर है। जानकारी के मुताबिक, प्रकाश राज इस आंदोलन का नेतृत्व करेंगे और प्रदर्शन को संबोधित कर सकते हैं। उनके साथ कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके, राष्ट्रीय नेता आफरीन नवाज और दक्षिण भारत प्रभारी विजय रेड्डी मल्लांगी भी आंदोलन की कमान संभालेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में दक्षिण भारत की कई प्रमुख हस्तियों और युवा नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सभी संभावित प्रतिभागियों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
क्या है SIR, जिसके खिलाफ CJP ने खोला मोर्चा?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाता है। साथ ही मृत, स्थानांतरित और अन्य अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने तथा पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी होती है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सत्यापन की प्रक्रिया में सावधानी नहीं बरती गई तो पात्र मतदाताओं के नाम भी सूची से हट सकते हैं।
दिल्ली में पुलिस हिरासत के बाद कोच्चि में बड़ा आंदोलन
कोच्चि का यह प्रदर्शन इसलिए भी अहम है, क्योंकि इससे पहले CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में हुए घटनाक्रम के दौरान पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। पार्टी के मुताबिक, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद दोनों नेताओं ने तिरंगा लेकर विरोध जताया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी इस कार्रवाई के विरोध में तिरंगा मार्च निकाला था। इस दौरान उन्हें भी हिरासत में लिया गया।
NEET पेपर लीक से SIR तक, CJP का आंदोलन कैसे बढ़ा?
कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना मई 2026 में अभिजीत दिपके ने की थी। पार्टी ने शुरुआत से ही शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के अधिकारों और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को अपने आंदोलनों का केंद्र बनाया है।
- - NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन: पार्टी ने अपनी शुरुआत के बाद NEET पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
- - स्कूल ठीक करो अभियान: अगस्त 2026 में CJP ने देशभर में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए अभियान शुरू किया। इसमें स्कूलों की खराब इमारतों, शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसे मुद्दे उठाए गए।
- - SIR के खिलाफ अभियान: सितंबर 2026 में पार्टी ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के खिलाफ अभियान शुरू किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई।
- - दिल्ली में विरोध प्रदर्शन: अक्टूबर में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के दौरान पार्टी के प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया गया।
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दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है CJP
कोच्चि में होने वाले प्रदर्शन को केवल SIR के खिलाफ विरोध तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसके जरिए पार्टी दक्षिण भारत में अपना संगठन मजबूत करने और युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर भी काम कर रही है। दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब केरल में आंदोलन आयोजित करना पार्टी के लिए अहम कदम है। खासतौर पर प्रकाश राज जैसे चर्चित चेहरे की भागीदारी से इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि कोच्चि के राजेंद्र मैदान में होने वाला यह प्रदर्शन कितना बड़ा रूप लेता है और SIR के मुद्दे पर दक्षिण भारत में राजनीतिक और सामाजिक बहस को कितनी नई दिशा देता है।



















