इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर हाई कोर्ट सख्त! NHAI को फटकार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर तलब

इंदौर। इंदौर-देवास बायपास की बदहाल स्थिति और सड़क पर जगह-जगह हो रहे गड्ढों को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि प्राधिकरण वास्तविक स्थिति का सामना करने से बच रहा है। बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद NHAI के वकील सड़क के रखरखाव से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय याचिकाकर्ता के अधिकार और जनहित याचिका की पोषणीयता पर ही बहस कर रहे हैं।
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न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की युगलपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए NHAI के इंदौर प्रोजेक्ट डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से अगली सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उन्हें बायपास से संबंधित शिकायतों का निराकरण करने और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही भविष्य में सड़क का नियमित और प्रभावी रखरखाव किस तरह किया जाएगा, इसकी योजना भी बतानी होगी।
गड्ढों, जलभराव और पुलों की दरारों के फोटो पेश
मातृ फाउंडेशन की ओर से एडवोकेट अमेय बजाज ने जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान दो आवेदन पेश किए। पहले आवेदन में इंदौर-देवास बायपास पर टोल वसूली रोकने की मांग की गई। तर्क दिया गया कि NHAI वाहन चालकों से टोल तो वसूल रहा है, लेकिन सड़क के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।याचिका में सड़क पर गहरे गड्ढे, जलभराव, नालियों की सफाई नहीं होने, पुलों में दरारें और जर्जर अंडरपास जैसी समस्याएं उठाई गईं। इन दावों के समर्थन में तस्वीरें भी कोर्ट के सामने रखी गईं। दूसरे आवेदन में सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल 2026 के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई।
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टोल वसूली पर फिलहाल राहत नहीं
NHAI की ओर से अधिवक्ता अंबिका प्रताप सिंह ने याचिका की सुनवाई योग्य होने पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को जारी चार पेज के आदेश में कोर्ट ने प्राधिकरण को सड़क की बदहाली से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल टोल वसूली रोकने के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी। इस दौरान NHAI के इंदौर प्रोजेक्ट डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सड़क की मौजूदा स्थिति और भविष्य की रखरखाव योजना पर जवाब देना होगा।
400 कैरेक्टर का इंट्रो
इंदौर-देवास बायपास की बदहाली और गड्ढों को लेकर हाई कोर्ट ने NHAI को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि प्राधिकरण वास्तविक स्थिति का सामना करने से बच रहा है। इंदौर प्रोजेक्ट डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से तलब कर शिकायतों के निराकरण और सड़क के रखरखाव की योजना पर रिपोर्ट मांगी है। फिलहाल टोल वसूली बंद करने का आदेश नहीं दिया गया है।




















