PU Special :फेस्टिव सीजन में गुलजार हुए मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल, 22 नवंबर तक टाइगर सफारी की बुकिंग फुल; होटल-रिसॉर्ट में कमरे मिलना मुश्किल

संतोष चौधरी, भोपाल। दिवाली और उसके आसपास मिल रही लंबी छुट्टियों का असर मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर दिखाई देने लगा है। धार्मिक स्थलों से लेकर टाइगर रिजर्व और हिल स्टेशनों तक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है। फेस्टिव सीजन में होटल और रिसॉर्ट की एडवांस बुकिंग तेजी से हो रही है। कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 16 नवंबर तक होटल-रिसॉर्ट में 95 से 100 प्रतिशत तक कमरे बुक हो चुके हैं जबकि टाइगर रिजर्व में 22 नवंबर तक सफारी की बुकिंग फुल बताई जा रही है। इस बार 8 नवंबर को दिवाली और इसके आसपास सरकारी छुट्टियों के चलते पर्यटन कारोबार को अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में 7 से 9 नवंबर और 15 से 16 नवंबर तक छुट्टियों का संयोग पर्यटकों को घूमने के लिए अतिरिक्त समय दे रहा है। इसके अलावा दिल्ली में 20 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम लागू होने से भी मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ी है।
दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम से बढ़े पर्यटक, सफारी और होटल की बुकिंग में परेशानी
करीब 18 साल पहले भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने वालीं डॉ. चित्रलेखा अग्रवाल और डॉ. नीतू सिंह इन दिनों दिल्ली में रह रही हैं। दिल्ली में 20 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम लागू होने के कारण दोनों ने इसका फायदा उठाते हुए 10 से 15 नवंबर तक भोपाल में पुराने मित्रों से मिलने और सतपुड़ा व रातापानी टाइगर रिजर्व में सफारी करने की योजना बनाई। हालांकि दोनों जगह सफारी की उपलब्धता नहीं मिल रही है। अच्छे होटल और रिसॉर्ट में भी कमरे मिलना मुश्किल हो रहा है। अब दोनों पुराने संपर्कों के जरिए बुकिंग कराने की कोशिश कर रही हैं। यह स्थिति केवल चित्रलेखा और नीतू की नहीं है। फेस्टिव सीजन में लंबी छुट्टियों का फायदा उठाकर मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर समय बिताने की योजना बना रहे कई पर्यटकों को होटल और सफारी की एडवांस बुकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धार्मिक और वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन पर्यटकों की पहली पसंद
फेस्टिव सीजन में मध्यप्रदेश के धार्मिक और वन्यजीव पर्यटन स्थलों की मांग सबसे ज्यादा बनी हुई है। उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर, अमरकंटक, ओरछा, चित्रकूट, पचमढ़ी, खजुराहो और मांडू पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में शामिल हैं। वहीं वन्यजीव पर्यटन के लिए बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और रातापानी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की रुचि बढ़ी है। पचमढ़ी में मौसम की अनुकूलता और प्राकृतिक सुंदरता के कारण परिवारों की आवाजाही भी बनी हुई है।
एमपी टूरिज्म के होटल-रिसॉर्ट में 95 से 100 प्रतिशत तक बुकिंग
एमपी टूरिज्म के अधिकारियों के अनुसार, धार्मिक और वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन वाले प्रमुख होटल और रिसॉर्ट में 16 नवंबर तक 95 से 100 प्रतिशत तक एडवांस बुकिंग हो चुकी है। वहीं 17 से 22 नवंबर के बीच भी अधिकांश होटल में करीब 80 प्रतिशत तक बुकिंग हो चुकी है। इसके बावजूद पर्यटकों की ओर से बुकिंग की मांग लगातार बनी हुई है। एमपी टूरिज्म कॉर्पोरेशन की एमडी प्रतिभा पाल के मुताबिक, प्रदेश के धार्मिक और वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन वाले होटल और रिसॉर्ट में 16 नवंबर तक 95 से 100 प्रतिशत और 22 नवंबर तक 60 से 70 प्रतिशत एडवांस बुकिंग हो चुकी है। फेस्टिव सीजन में आने वाले अधिकांश पर्यटक दूसरे राज्यों के हैं।
25 नवंबर तक टाइगर रिजर्व में सफारी की बुकिंग फुल
वन्यजीव पर्यटन के प्रति पर्यटकों की बढ़ती रुचि का अंदाजा टाइगर रिजर्व में सफारी की बुकिंग से लगाया जा सकता है। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डॉ. समीता राजौरा ने बताया कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में 25 नवंबर तक सफारी की बुकिंग फुल हो चुकी है। यह बुकिंग करीब दो महीने पहले से ही होने लगी थी। उन्होंने कहा कि यह पर्यटन का पीक सीजन है। प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों के पर्यटक लंबी छुट्टियों का फायदा उठाकर टाइगर रिजर्व में घूमने की योजना बना रहे हैं। यही वजह है कि सफारी के लिए पहले से ही बड़ी संख्या में बुकिंग हो चुकी है।
रातापानी जंगल लॉज में 16 नवंबर तक बुकिंग फुल
रातापानी जंगल लॉज, वीरपुर की संचालक अंजली सिंह के अनुसार उनके रिसॉर्ट में इस समय अधिकांश बुकिंग दिल्ली के पर्यटकों ने कराई है। दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम लागू होने के कारण लोग पर्यटन स्थलों पर रहकर भी अपना काम करना चाहते हैं। इससे उन्हें काम करने के साथ घूमने और छुट्टियों का आनंद लेने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से 16 नवंबर तक उनके रिसॉर्ट में बुकिंग फुल हो चुकी है।
दूसरे राज्यों से आ रहे पर्यटकों से पर्यटन कारोबार को फायदा
फेस्टिव सीजन में मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर बढ़ती बुकिंग से होटल, रिसॉर्ट और वन्यजीव पर्यटन से जुड़े कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है। धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक पर्यटन केंद्रों और टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की बढ़ती मांग के बीच इस बार दूसरे राज्यों से आने वाले सैलानियों की संख्या भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम ने इस मांग को और बढ़ाया है क्योंकि लोग छुट्टियों के साथ काम को भी जारी रख पा रहे हैं।




















