एमपी में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, 5 डे वर्किंग की मांग; 3 दिन तक रहेगा असर

भोपाल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले हुई इस हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा है। चेक जमा करने और उनके क्लियरेंस समेत कई काम प्रभावित हुए हैं। हड़ताल शुक्रवार को एक दिन की है, लेकिन शनिवार और रविवार की छुट्टी के कारण इसका असर लगातार तीन दिन तक रहेगा। वहीं, सितंबर के अंत में 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल प्रस्तावित है, जिससे 26 और 27 सितंबर की छुट्टी के साथ बैंक लगातार पांच दिन बंद रह सकते हैं।
5 डे वीक की मांग को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल में मध्य प्रदेश के बैंककर्मी भी शामिल हुए। बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि महीने के दूसरे और चौथे शनिवार की मौजूदा छुट्टी व्यवस्था को बदलकर हर शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए और बैंकों में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए। यूनियनों का कहना है कि इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय 40 मिनट बढ़ाया जा सकता है।
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बैंक बंद होने से जनता पर पड़ा असर
शुक्रवार को बैंक शाखाएं बंद रहने से आम लोगों को बैंकिंग कामकाज में परेशानी हुई। चेक जमा नहीं हो सके और उनके क्लियरेंस में भी देरी होने की संभावना है। हड़ताल सिर्फ एक दिन की है, लेकिन इसके बाद शनिवार और रविवार को सरकारी छुट्टी होने के कारण बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर तीन दिन तक देखने को मिलेगा। भोपाल के एमपी नगर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
सरकार से बातचीत के बाद भी नहीं निकला हल
हड़ताल से पहले बैंक यूनियनों और सरकार के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन इसमें कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद यूनियनों ने हड़ताल को पूर्ववत रखने का फैसला किया। UFBU ने 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने के साथ स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू की गई PLI योजना वापस लेने की भी मांग की है।
सितंबर में फिर पांच दिन बंद रह सकते हैं बैंक
बैंक यूनियनों के मुताबिक सितंबर के अगले 20 दिनों के भीतर दूसरी बार हड़ताल होगी। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल से पहले 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी। ऐसे में 26 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिन बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहने की स्थिति बन सकती है। यूनियनों ने इससे पहले 27 अगस्त को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया था और आगामी महीनों में बैंक हड़तालों के साथ अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का भी आह्वान किया था।
PLI, पेंशन और भर्ती समेत कई मांगें लंबित
यूनियंस के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा कि 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की जायज मांग को सरकार अनावश्यक रूप से लंबित कर रही है। उन्होंने कहा कि PLI का मुद्दा सुलह प्रक्रिया के सामने लंबित होने के बावजूद सरकार ने स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए एकतरफा और भेदभावपूर्ण PLI योजना लागू करने के लिए बैंकों को बाध्य किया है। यूनियंस के अनुसार पेंशन अपडेशन, पेंशनभोगियों के एक्स-ग्रेशिया की समीक्षा, NPS को OPS में बदलना और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान डीए योजना लागू करने की मांग भी लंबित है।
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पर्याप्त स्टाफ और ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने की मांग
बैंक यूनियनों ने पर्याप्त संख्या में क्लर्क, सब-स्टाफ और आर्म्ड गार्ड्स की भर्ती की मांग भी उठाई है। इसके अलावा ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत सीमा बढ़ाने की मांग पर भी अब तक समाधान नहीं हुआ है। यूनियंस का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान किए बिना सरकार अगले वेतन संशोधन समझौते को जल्द पूरा करने का प्रयास कर रही है। इसी के चलते बैंक कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।




















