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इंदौर में बैठिए, प्रदेशभर में कराइए रजिस्ट्री! 17 सितंबर से बदलेगा नियम

17 सितंबर से सम्पदा-2.0 पर लागू होगी नई व्यवस्था, इंदौर समेत प्रदेश के सभी 55 जिलों में कहीं से भी कर सकेंगे अचल संपत्ति की रजिस्ट्री
इंदौर में बैठिए, प्रदेशभर में कराइए रजिस्ट्री! 17 सितंबर से बदलेगा नियम
प्रतीकात्मक चित्र

इंदौर। मध्यप्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। शासन ने पंजीयन अधिकारियों की क्षेत्रीय सीमा समाप्त कर दी है। इसके बाद अब प्रदेश के किसी भी जिले में स्थित अचल संपत्ति की रजिस्ट्री दूसरे जिले के उप पंजीयक कार्यालय से कराई जा सकेगी। नई व्यवस्था 17 सितंबर से प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू होगी।यानी इंदौर में रहने वाले किसी व्यक्ति को यदि मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, नीमच या प्रदेश के किसी अन्य जिले में संपत्ति खरीदनी है, तो रजिस्ट्री के लिए संबंधित शहर जाने की जरूरत नहीं होगी। वह इंदौर के ही उप पंजीयक कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।

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सम्पदा-2.0 से बदलेगी पूरी प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत सम्पदा-2.0 पोर्टल पर स्लॉट बुक कर दूसरे जिले की संपत्ति की रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। स्लॉट बुक होने के बाद संबंधित उप पंजीयक को दस्तावेजों की जांच और संपत्ति से जुड़ी जानकारी की पड़ताल के लिए छह दिन का समय मिलेगा। सब कुछ सही पाए जाने पर सातवें दिन रजिस्ट्री पूरी की जा सकेगी।

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शासन ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन

इंदौर के वरिष्ठ पंजीयक अमरेश नायडू ने व्यवस्था की पुष्टि करते हुए बताया कि पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अधिकारियों की क्षेत्रीय अधिकारिता अब प्रदेश के सभी उप जिलों तक बढ़ा दी गई है। इसके लिए शासन की ओर से गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है।इस बदलाव के बाद संपत्ति जिस जिले में है, रजिस्ट्री भी वहीं कराना जरूरी नहीं रहेगा। प्रदेश के किसी भी जिले का उप पंजीयक दूसरे जिले में स्थित संपत्ति की रजिस्ट्री कर सकेगा।

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पहले साइबर तहसील में हुआ था ट्रायल

ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा पहले से लागू है, लेकिन अब तक संपत्ति वाले क्षेत्र के उप पंजीयक कार्यालय में जाना अनिवार्य था। सम्पदा पोर्टल-1.0 के बाद 1 अप्रैल से सम्पदा-2.0 लागू किया गया। इसके बाद साइबर तहसील के माध्यम से दूसरे जिले की संपत्ति की रजिस्ट्री का प्रयोग शुरू हुआ था। अब इसी व्यवस्था को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जा रहा है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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