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भोपाल का मास्टर प्लान लागू कराने के लिए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शुरू किया 31 घंटे का उपवास, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

राजधानी भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने के लिए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने 31 घंटे का उपवास शुरू किया है। शर्मा ने कहा कि आखिरी मास्टर प्लान दिग्विजय सिंह सरकार में 1995 में लागू हुआ था। उसके 10 साल बाद मास्टर प्लान आना चाहिए था लेकिन नहीं आया। इसके बाद कमलनाथ सरकार में 6-7 मार्च 2020 में मास्टर प्लान का प्रारूप प्रस्तुत किया गया था,लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा ने उसे लागू नहीं किया।
भोपाल का मास्टर प्लान लागू कराने के लिए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शुरू किया 31 घंटे का उपवास, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भोपाल। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने राजधानी का मास्टर प्लान लागू कराने को लेकर 31 घंटे का उपवास शुरू किया।

भोपाल।  राजधानी के मास्टर प्लान को लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शुक्रवार से 31 घंटे का उपवास शुरू कर दिया। रोशनपुरा चौराहे पर उपवास के दौरान उन्होंने राजधानी के नियोजित विकास से जुड़े मुद्दे उठाते हुए सरकार पर मास्टर प्लान को जानबूझकर लंबित रखने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि उनकी मांग स्पष्ट है-‘मास्टर प्लान लागू किया जाए और भोपाल को अव्यवस्थित विकास से बचाया जाए।’

अनुमति की व्यवस्था पारदर्शी होने का दावा

पीसी शर्मा ने कहा कि मास्टर प्लान लागू होने से आम नागरिकों को आवासीय निर्माण, व्यवसाय और अन्य गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार अनुमति मिल सकेगी। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में नेताओं और दलालों के माध्यम से परमिशन दिलाने की स्थिति बनी हुई है। मास्टर प्लान लागू होने से ऐसी व्यवस्था समाप्त हो सकती है, इसलिए सरकार इसे आगे नहीं बढ़ा रही है।

बाहरी इलाकों में अव्यवस्थित विकास पर सवाल

शर्मा ने भोपाल के बाहरी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे अव्यवस्थित निर्माण को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में बिना स्पष्ट नियोजन के निर्माण और अन्य गतिविधियां चल रही हैं। उनके मुताबिक मास्टर प्लान लागू होने पर ग्रीन बेल्ट, आवासीय क्षेत्र और व्यावसायिक क्षेत्रों की सीमाएं स्पष्ट होंगी और राजधानी का विकास नियोजित तरीके से किया जा सकेगा।

सीलिंग कार्रवाई से व्यापारियों को राहत की मांग

पूर्व मंत्री ने आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर हो रही सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारी परेशान हैं। शर्मा ने सरकार से मिक्स लैंडयूज की अनुमति देने की मांग की, ताकि आवासीय और व्यावसायिक दोनों गतिविधियों को नियमानुसार संचालित करने का रास्ता खुल सके। उन्होंने भोपाल में नए व्यावसायिक क्षेत्र और बाजार विकसित करने की भी मांग की।

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भाजपा-आरएसएस दफ्तरों पर भी कार्रवाई की मांग

पीसी शर्मा ने अरेरा कॉलोनी  में भाजपा और आरएसएस के कार्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि नियमों के उल्लंघन पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की जा रही है तो इन कार्यालयों और वहां संचालित व्यावसायिक  गतिविधियों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून और नियम सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए। शर्मा ने 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का जिक्र करते हुए  कहा कि सरकार की ओर से व्यापारियों के पक्ष में कोई ठोस प्रस्ताव या तैयारी दिखाई नहीं दे रही है।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन

31 घंटे के उपवास के दौरान पीसी शर्मा के साथ पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, अरुणेश्वर शरण सिंह देव, गोविंद गोयल, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी  सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पास अपने कार्यालय के मास्टर प्लान और उसके ऊपर हेलीपैड बनाने की योजना के लिए समय है, लेकिन भोपाल के मास्टर प्लान को लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजधानी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान जल्द लागू करना चाहिए। 

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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