लखनऊ एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा : रनवे पर दौड़ा विमान, टेकऑफ से पहले पायलट ने रोकी इंडिगो फ्लाइट; डिंपल यादव समेत 151 यात्री थे सवार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एयरपोर्ट पर रविवार (14 सितंबर) एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-2111 रनवे पर तेजी से दौड़ रही थी। लेकिन, ठीक टेकऑफ से पहले विमान को पर्याप्त थ्रस्ट नहीं मिला। पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए और विमान को रोक दिया। पायलट की सूझबूझ से सपा सांसद डिंपल यादव सहित 151 यात्रियों की जान बच गई।
विमान में सवार थीं डिंपल यादव
इस फ्लाइट में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव भी सवार थीं। अचानक विमान रुकने से यात्री घबरा गए और कुछ देर तक दहशत का माहौल बना रहा। हालांकि, सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बाद में उन्हें दूसरी फ्लाइट से दिल्ली रवाना किया गया।
यात्रियों ने कहा- "भगवान ने बचा लिया"
यात्रियों के अनुसार, विमान रनवे पर तेज गति से दौड़ रहा था कि अचानक एक असमान्य आवाज सुनाई दी। तभी विमान हवा में उठने के बजाय धीमा होने लगा और आखिरकार रुक गया। कई यात्रियों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि “भगवान ने बचा लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।”
DGCA ने मांगी रिपोर्ट, इंडिगो का बयान
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, DGCA ने इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं इंडिगो ने बयान जारी करते हुए कहा कि, “तकनीकी कारणों से विमान को टेकऑफ रोकना पड़ा। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” हालांकि, कंपनी ने खराबी की स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की है।
क्या होता है अबेंडिंग टेक ऑफ?
एविएशन की भाषा में इसे अबेंडिंग टेक ऑफ (Abandoning Take-Off) या रिजेक्टेड टेक ऑफ (RTO) कहते हैं। इसका मतलब है कि उड़ान भरने के लिए रनवे पर दौड़ता विमान अचानक रुक जाए। यह तब होता है जब इंजन को पर्याप्त थ्रस्ट न मिले, कोई तकनीकी खराबी आ जाए, रनवे पर अवरोध दिखे या मौसम खतरा पैदा करे। ऐसे हालात में पायलट तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोक देता है ताकि यात्रियों की जान सुरक्षित रहे।
सूरत-दुबई फ्लाइट में भी आई थी खराबी
इससे पहले कुछ दिन पहले सूरत से दुबई जा रही इंडिगो फ्लाइट को भी तकनीकी खराबी के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा था। उस विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे। हालांकि, वह इमरजेंसी लैंडिंग नहीं थी बल्कि सुरक्षित ऑपरेशन सुनिश्चित करने का फैसला था।
पायलट की सतर्कता से बची 151 जानें
लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पायलट की झटपट समझदारी और सतर्कता कितनी अहम होती है। अगर पायलट ने देर की होती, तो नतीजा बेहद खतरनाक हो सकता था। गनीमत रही कि सभी 151 यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक रवाना हो सके।











