KYV: केवाईसी के बाद अब केवाईवी, FASTag यूजर्स की बढ़ीं परेशानियां, सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

1 नवंबर 2024 से सभी फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए KYV यानी 'Know Your Vehicle' अनिवार्य हो गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य फास्टैग सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है, लेकिन आम जनता के लिए यह नया झंझट बन गया है।
KYV क्या है और क्यों जरूरी हुआ
KYV प्रक्रिया में फास्टैग को वाहन रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर से लिंक करना जरूरी है। यह कदम उन मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है जहां फास्टैग का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। उदाहरण के लिए, ट्रक ड्राइवर कारों के फास्टैग का उपयोग करके कम टोल टैक्स दे रहे थे।
प्रक्रिया कैसे करनी होगी
हर फास्टैग को उसके व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर से जोड़ना होगा। इसके लिए:
- गाड़ी का सामने और साइड फोटो लेना होगा, जिसमें फास्टैग, नंबर प्लेट और पहिए साफ दिखें।
- वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) अपलोड करना होगा।
- बैंक या फास्टैग जारी करने वाली कंपनी इन जानकारी को VAHAN डेटाबेस से वेरिफाई करेगी।
- यदि KYV नहीं कराया गया, तो फास्टैग अपने-आप डिएक्टिवेट हो जाएगा।
- प्रक्रिया हर तीन साल में दोबारा करनी होगी।
सरकारी उद्देश्य और नियम
सरकार का कहना है कि कई लोग फास्टैग को गाड़ी पर लगाने की बजाय पर्स में रखते हैं, जिससे गलत इस्तेमाल की संभावना बढ़ जाती है। अब "वन व्हीकल, वन टैग" नियम लागू होगा।
लोगों की प्रतिक्रिया
नए नियम के बाद सोशल मीडिया पर नाराजगी देखने को मिली। कई उपयोगकर्ताओं ने इसे अतिरिक्त बोझ बताया।
- एक यूजर ने कहा कि फोटो अपलोड और जटिल वेबसाइटों के कारण समय और धैर्य खर्च हो रहा है।
- एक अन्य ने शिकायत की कि फोटो अपलोड करने के 10 दिन बाद भी कोई जवाब नहीं मिला।
- कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फास्टैग वाहन का आधार है, तो KYV प्रक्रिया पहले से क्यों अनिवार्य नहीं थी।
सरकारी प्रतिक्रिया और सुधार
लोगों की शिकायतों के बाद अधिकारियों ने कहा कि बिना ग्राहक से संपर्क किए फास्टैग डिएक्टिवेट नहीं किया जाएगा। अब यह विचार किया जा रहा है कि सभी बैंकों के पोर्टल पर KYV प्रक्रिया एक जैसी हो और एक समान हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया जाए।
KYV का उद्देश्य फास्टैग को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है, लेकिन फिलहाल यह वाहन मालिकों के लिए नया झंझट बन गया है। सरकार और बैंक इसे आसान बनाने के उपाय तलाश रहे हैं।











