कोटा में भरभराकर गिरी 3 मंजिला इमारत :2 लोगों की मौत, कई घायल; मलबे में दबे दिखे हाथ-पैर

राजस्थान के कोटा के जवाहर नगर में तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से दो लोगों की मौत और 13 घायल हो गए। SDRF और NDRF की टीमें मलबे में फंसे लोगों को बचाने में लगी हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज किया है, जबकि घायलों का इलाज जारी है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
2 लोगों की मौत, कई घायल; मलबे में दबे दिखे हाथ-पैर
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में एक तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई। हादसे में एक कोचिंग स्टूडेंट समेत 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायल अस्पताल में भर्ती हैं। 5 घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह हादसा जवाहर नगर थाना क्षेत्र के इंदिरा विहार इलाके में हुआ। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था, जिसमें कर्मचारी और ग्राहक मौजूद थे।

    घटना के समय बिल्डिंग में स्टूडेंट्स और कर्मचारी भी थे। बिल्डिंग गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई। मलबे में फंसे लोगों की मदद के लिए स्थानीय लोग तुरंत मदद में जुट गए।

    मलबे में फंसे लोग

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, राहत दल और एंबुलेंस मौके पर पहुंचे। SDRF, NDRF और अग्निशमन विभाग की टीमें मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुट गईं। जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि, अब तक 15 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 13 लोग घायल हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाव अभियान अभी भी जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, मलबे में फंसे लोग बचाओ-बचाओ की आवाजें निकाल रहे थे। कुछ का हाथ या पैर बाहर दिखाई दे रहा था, जिसे बचाव दल ने निकालने का प्रयास किया।

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    मृतक और घायलों की जानकारी

    कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता सक्सेना ने जानकारी दी कि घायलों में से दो मृत अवस्था में आए। मरने वालों में एक 20 वर्षीय कोचिंग स्टूडेंट और एक 15 वर्षीय बच्चा शामिल हैं।

    घायलों की पहचान निम्नलिखित लोगों के रूप में हुई-

    • सुदीता (30), कोटा
    • शालीन सुवास्या (25), कुन्हाड़ी
    • मोहम्मद जहांगीर (30), महावीर नगर
    • भूपेंद्र (40), रंगबाड़ी
    • पूरब मीणा (24), जय हिंद नगर
    • नावेद (20), सुभाष नगर
    • रेस्टोरेंट मालिक मोहम्मद जहांगीर
    • रेस्क्यू टीम का सदस्य रॉकी डेनियल (जिन्हें दाहिनी अनामिका उंगली की चोट लगी और बाद में प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी)
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    कब और कैसे हुआ हादसा

    घटना शनिवार शाम लगभग 8:45 बजे हुई। बिल्डिंग ढहते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तुरंत मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास करने लगे।

    जिला कलेक्टर ने बताया कि, हादसे की प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि गिरी हुई बिल्डिंग के पास एक पुरानी इमारत का निर्माण या तोड़फोड़ का काम चल रहा था। निर्माण में नींव की समस्याएं होने की संभावना जताई गई है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे के पास चल रही जेसीबी और डेली ड्रिल मशीनों के वाइब्रेशन से बिल्डिंग पर असर पड़ा और हादसा हुआ।

    प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

    कोटा के सांसद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हादसे पर दुःख जताया और राहत कार्यों पर नजर रखी। उन्होंने जिला कलेक्टर और सिटी एसपी को बचाव कार्य तेज करने और घायलों के उचित उपचार के निर्देश दिए। उनके OSD राजीव दत्ता भी मौके पर मौजूद थे।

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    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भी राहत और बचाव कार्य की मॉनिटरिंग की। इसके अलावा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और कमेटी के गठन की पुष्टि की।

    कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि, हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीम पूरी कोशिश कर रही है। हालांकि, क्रेन और अन्य उपकरणों की देरी के कारण बचाव अभियान थोड़ी देर से शुरू हुआ।

    हादसे के पीछे का कारण

    प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि-

    • निर्माणाधीन बिल्डिंग के नींव में कमजोरी थी।
    • पास की पुरानी इमारत को तोड़ने का काम और डेली ड्रिल मशीनों के कारण वाइब्रेशन बढ़ा।
    • बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट होने के कारण अधिक लोग प्रभावित हुए।

    जिला प्रशासन ने विशेष जांच कमेटी गठित कर दी है जो हादसे के कारणों की पूरी जांच करेगी।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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