Garima Vishwakarma
8 Feb 2026
कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में एक तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई। हादसे में एक कोचिंग स्टूडेंट समेत 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायल अस्पताल में भर्ती हैं। 5 घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह हादसा जवाहर नगर थाना क्षेत्र के इंदिरा विहार इलाके में हुआ। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था, जिसमें कर्मचारी और ग्राहक मौजूद थे।
घटना के समय बिल्डिंग में स्टूडेंट्स और कर्मचारी भी थे। बिल्डिंग गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई। मलबे में फंसे लोगों की मदद के लिए स्थानीय लोग तुरंत मदद में जुट गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, राहत दल और एंबुलेंस मौके पर पहुंचे। SDRF, NDRF और अग्निशमन विभाग की टीमें मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुट गईं। जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि, अब तक 15 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 13 लोग घायल हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाव अभियान अभी भी जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, मलबे में फंसे लोग बचाओ-बचाओ की आवाजें निकाल रहे थे। कुछ का हाथ या पैर बाहर दिखाई दे रहा था, जिसे बचाव दल ने निकालने का प्रयास किया।
कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता सक्सेना ने जानकारी दी कि घायलों में से दो मृत अवस्था में आए। मरने वालों में एक 20 वर्षीय कोचिंग स्टूडेंट और एक 15 वर्षीय बच्चा शामिल हैं।
घायलों की पहचान निम्नलिखित लोगों के रूप में हुई-
घटना शनिवार शाम लगभग 8:45 बजे हुई। बिल्डिंग ढहते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तुरंत मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास करने लगे।
जिला कलेक्टर ने बताया कि, हादसे की प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि गिरी हुई बिल्डिंग के पास एक पुरानी इमारत का निर्माण या तोड़फोड़ का काम चल रहा था। निर्माण में नींव की समस्याएं होने की संभावना जताई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे के पास चल रही जेसीबी और डेली ड्रिल मशीनों के वाइब्रेशन से बिल्डिंग पर असर पड़ा और हादसा हुआ।
कोटा के सांसद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हादसे पर दुःख जताया और राहत कार्यों पर नजर रखी। उन्होंने जिला कलेक्टर और सिटी एसपी को बचाव कार्य तेज करने और घायलों के उचित उपचार के निर्देश दिए। उनके OSD राजीव दत्ता भी मौके पर मौजूद थे।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भी राहत और बचाव कार्य की मॉनिटरिंग की। इसके अलावा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और कमेटी के गठन की पुष्टि की।
कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि, हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीम पूरी कोशिश कर रही है। हालांकि, क्रेन और अन्य उपकरणों की देरी के कारण बचाव अभियान थोड़ी देर से शुरू हुआ।
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि-
जिला प्रशासन ने विशेष जांच कमेटी गठित कर दी है जो हादसे के कारणों की पूरी जांच करेगी।