Garima Vishwakarma
8 Feb 2026
Garima Vishwakarma
7 Feb 2026
Manisha Dhanwani
7 Feb 2026
Shivani Gupta
6 Feb 2026
कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिनव वे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक और समझौतों के आदान‑प्रदान में शामिल हुए। यह दौरा 2024 में भारत और मलेशिया के रिश्तों को विस्तृत रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद पहला प्रमुख दौरा है। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा, रणनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, रक्षा और सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। साथ ही मलेशियाई भारतीय समुदाय से संवाद और उनके अनुभव साझा करने का भी अवसर मिला।
प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया पहुंचते ही एयरपोर्ट पर मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उनका गरिमापूर्ण और गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का पेरदाना पुत्रा भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत किया गया।
स्वागत समारोह में मलेशियाई संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन हुआ, जिसमें सांस्कृतिक नृत्य, संगीत और पारंपरिक कार्यक्रम शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस स्वागत को दोस्त देशों के बीच साझा विरासत और आपसी सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि, इस अनुभव ने उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को मलेशियाई जीवन और संस्कृति की गहरी समझ दी।
प्रधानमंत्री मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में भाग लिया। बैठक में भारत और मलेशिया के बीच 11 समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान‑प्रदान हुआ। इन समझौतों में शामिल हैं-
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा, हमारा सहयोग कृषि, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर तक हर क्षेत्र में गहरा रहा है। कौशल विकास और क्षमता निर्माण में भी हम महत्वपूर्ण भागीदार हैं। रक्षा और सुरक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। हमारे संबंधों की असली ताकत हमारे लोगों के बीच के रिश्तों में निहित है।
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा, हमने भारत के साथ उत्कृष्ट संबंध स्थापित किए हैं। कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर टीमों को ध्यान देने की आवश्यकता है। हम सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं। यह दौरा मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है।
द्विपक्षीय व्यापार और निवेश पर भी चर्चा की गई। 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 18.59 अरब डॉलर तक पहुंचा। इसके बावजूद इसे बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। दोनों देशों ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया, जिससे लेन‑देन आसान और अधिक सुरक्षित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि, भारत और मलेशिया निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन और स्टार्ट-अप टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय व्यापार संतुलन को बेहतर बनाना है।
मोदी और अनवर ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। इसमें शामिल हैं-
दोनों नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि, यह सहयोग न केवल भारत-मलेशिया संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता में भी योगदान देगा।
मलेशिया ASEAN का अहम सदस्य है और भारत की Act East Policy में इसकी रणनीतिक भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ASEAN के साथ भारत के संबंधों को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
मोदी ने कहा कि भारत-मलेशिया साझेदारी केवल द्विपक्षीय नहीं बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता में योगदान देती है। दोनों देश AITIGA (ASEAN-India Free Trade Agreement) के सुधार और व्यापार संतुलन के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशियाई भारतीय समुदाय से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल का काम करते हैं।
मोदी ने भारतीय समुदाय के प्रति व्यक्तिगत सम्मान और स्नेह को महसूस किया। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक भूमिका की सराहना की और यह भरोसा दिलाया कि भारत हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भारत-मलेशिया सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। मोदी ने कहा कि मलेशियाई छात्र भारत में पढ़ाई कर रहे हैं और इसके लिए भारत की शिक्षा संस्थानों ने वैश्विक मान्यता प्राप्त की है।
कुछ प्रमुख पहलें-
इसके अलावा UPI (Unified Payments Interface) को जल्द ही मलेशिया में लागू किया जाएगा और OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मित्र देशों का सहयोग बेहद जरूरी है। वैश्विक अस्थिरता के इस माहौल में, भारत और मलेशिया के समुद्री पड़ोसी होने के नाते संबंधों की पूरी क्षमता का उपयोग करना आवश्यक है।
मोदी का संदेश स्पष्ट है- भारत और मलेशिया हर संभव क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं, चाहे वह आर्थिक, सुरक्षा, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी या शिक्षा हो।
हालांकि भारत-मलेशिया संबंधों में सकारात्मक प्रगति हो रही है, कुछ मुद्दे अभी भी समाधान के लिए हैं। मलेशियाई पीएम ने कहा कि कुछ विषयों पर टीमों को और काम करने की जरूरत है।
इसके अलावा जाकिर नाइक मामले ने समय-समय पर दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा किया है। भारत चाहता है कि मलेशिया उन्हें कानून के अनुसार भारत को सौंपे, लेकिन उन्हें मलेशिया में स्थायी निवास प्राप्त है।
इन चुनौतियों के बावजूद, दोनों देशों ने आगे बढ़ने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया है।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं-
ये पहलें शिक्षा, संस्कृति और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देंगी और लोगों के स्तर पर संबंधों को मजबूत करेंगी।