आतंकियों को पालने-पोसने वाला पाकिस्तान अब अपने ही बनाए जाल में फंसता नजर आ रहा है। देश की सियासत, जातिवाद और बढ़ते आतंकी हमलों ने वहां की हालत को और भयानक बना दिया है। ऐसे में पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाने से पीछे नहीं हट रहा। हाल ही में इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती हमले के बाद भी यही क्रम दोहराया गया, लेकिन हर बार की तरह इस बार उसके दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि भारत उनके देश में उग्रवादी संगठनों की मदद कर रहा है। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किए। इस हमले में करीब 36 लोग मारे गए और 160 से अधिक लोग घायल हुए। भारत ने इस आरोप को तुरंत खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने घरेलू और सामाजिक मुद्दों का समाधान करने के बजाय दूसरों पर आरोप लगाकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी बिना किसी प्रमाण के कहा कि इस आत्मघाती हमले में भारत और अफगानिस्तान का हाथ है। उन्होंने भी किसी ठोस सबूत का जिक्र नहीं किया।
नकवी ने कहा कि ISIS और तालिबान के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें पैसा और लक्ष्य कहां से मिल रहे हैं, इस पर उन्होंने भारत की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, ये संगठन भारत से वित्तीय मदद पा रहे हैं, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया गया।
मोहसिन नकवी सिर्फ गृह मंत्री ही नहीं, बल्कि एशिया क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन भी हैं। पिछले साल एशिया कप क्रिकेट में भारत के चैंपियन बनने के बावजूद उन्होंने कप अपने पास रखा। इसके अलावा, नकवी आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साले हैं, जो भारत के प्रति नफरत के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि नकवी बार-बार भारत पर आरोप लगाने का सिलसिला जारी रखते हैं।
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि ये सभी आरोप निराधार और निरर्थक हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे आरोप केवल पाकिस्तान के ध्यान को उसकी खुद की समस्याओं से भटकाने के लिए लगाए जा रहे हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि 'पाकिस्तान को अपने सामाजिक ताने-बाने और घरेलू समस्याओं का समाधान ढूंढने की जरूरत है, न कि दूसरों पर आरोप लगाकर खुद को भ्रमित करने की।'
पाकिस्तान में कट्टरपंथ, अलगाववाद और जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने की वजह से आतंकी हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। खुद के भीतर उठती समस्याओं का सामना करने की बजाय, देश बार-बार भारत पर उंगली उठाता है।