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India-US Trade Deal :डेयरी, किसानों के हित सुरक्षित, एयरक्राफ्ट, मशीनरी, जेम्स-डायमंड्स, घड़ियों पर रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं 

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस डील में मॉडिफाइड सीड्स, डेरी, मीट, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेंहू, मिलेट्स आदि पर अमेरिका को कोई रियायत नहीं दी जा रही है।
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डेयरी, किसानों के हित सुरक्षित, एयरक्राफ्ट, मशीनरी, जेम्स-डायमंड्स, घड़ियों पर रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं 
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को भारत और अमेरिका के बीच हुई अहम ट्रेड डील की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था, निर्यातकों और किसानों के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाले कई प्रमुख उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।

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    निर्यातकों और किसानों के लिए बढ़ेंगे वैश्विक अवसर

    पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलने जा रहे हैं। खास तौर पर लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), किसानों और मछुआरों को इससे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। इस समझौते के तहत भारत से अमेरिका को भेजी जाने वाली कई प्रमुख वस्तुओं पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। रत्न और आभूषणों के साथ-साथ औषधीय उत्पादों को भी टैरिफ-फ्री पहुंच मिलेगी, जिससे भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। सरकार का मानना है कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी और देश की निर्यात क्षमता को नया विस्तार मिलेगा। डायमंड, फार्मा, कॉफी, आम सहित कई भारतीय उत्पाद अब अमेरिका को बिना किसी टैरिफ के निर्यात किए जा सकेंगे।

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    किसान और डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित 

    मंत्री गोयल ने साफ किया कि इस ट्रेड डील में भारत के किसान और डेयरी उद्योग के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। मॉडिफाइड बीज, डेयरी उत्पाद, मीट, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, मिलेट्स, फल, दालें, ऑयल सीड्स, एथनॉल और तंबाकू जैसे संवेदनशील उत्पादों पर अमेरिका को कोई रियायत नहीं दी गई है। इससे घरेलू कृषि बाजार सुरक्षित रहेगा।  वाणिज्य मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में यह समझौता खासा लाभकारी साबित होगा, क्योंकि चाय, मसाले, नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट्स और कई तरह के फल-सब्जियां अब टैरिफ-फ्री अमेरिकी बाजार में पहुंच सकेंगी। इसके अलावा सब्जियों की जड़ें, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल के बीज, खसखस और खट्टे फलों के रस पर भी कोई रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। पीयूष गोयल के अनुसार, इन फैसलों से भारतीय कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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    चीन और बांग्लादेश से बेहतर स्थिति में भारत 

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस डील के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत रह गया है। वहीं, अमेरिका चीन पर 45 प्रतिशत और बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है। यह भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में लाता है।

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    अमेरिकी उत्पाद होंगे सस्ते

    समझौते के तहत भारत, अमेरिका से आने वाले कई औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा या समाप्त करेगा। इससे सूखे अनाज, पशु आहार, मेवे, फूड प्रोडक्ट्स, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट जैसे उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते होंगे।

    30,000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा 

    पीयूष गोयल ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत के लिए सबसे बड़े निर्यात बाजार का रास्ता खोलेगी। इससे MSME, किसान और मछुआरों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस समझौते से निर्यात बढ़ेगा और महिलाओं व युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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