Aakash Waghmare
7 Feb 2026
निजामाबाद। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के ‘मियां मुस्लिम’ संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि ऐसे बयान देने वाले लोग कितनी मानसिकता रखते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर जरूरत हो तो वे दो रुपये उनके खाते में ट्रांसफर भी कर सकते हैं।
ओवैसी की यह प्रतिक्रिया असम CM के हालिया बयान के बाद सामने आई है। कुछ दिन पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘मियां मुस्लिम’ समुदाय को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि वे रिक्शा के लिए पांच रुपये मांगें तो उन्हें चार रुपये ही दिए जाएं। उनका कहना था कि इस तरह की छोटी-छोटी परेशानियों से तंग आकर वे लोग धीरे-धीरे राज्य छोड़ देंगे।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद तेज हो गया। विपक्षी दलों ने इसे एक खास समुदाय के खिलाफ भड़काऊ और भेदभावपूर्ण टिप्पणी बताया। ओवैसी ने इसे न केवल असंवेदनशील बल्कि समाज को बांटने वाला बयान करार दिया और कहा कि इस तरह की सोच लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। जिसने एक बार फिर से सियासत को नई हवा दे दी है।
तेलंगाना में नगर निगम चुनावों से पहले AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने निजामाबाद में आयोजित रैली में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर जोरदार हमला बोला। ओवैसी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, फिर चाहे वह आम आदमी हो, प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री। किसी भी स्तर पर भेदभाव की अनुमति नहीं है।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि हिमंता बिस्वा सरमा ‘मियां मुस्लिम’ समुदाय को लेकर भेदभावपूर्ण बातें कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके साथ अलग व्यवहार किया जाएगा, यहां तक कि वोट देने के लिए बांग्लादेश चले जाने जैसी बातें कही जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह के बयान देकर आखिर वे क्या संदेश देना चाहते हैं।
शुक्रवार रात की इस रैली में हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम के मैचों के बहिष्कार, पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अनपब्लिश किताब और प्रधानमंत्री द्वारा राज्यसभा में दिए गए भाषण का भी जिक्र किया। ओवैसी ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय देश में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।