20 लाख नहीं मिले तो आगजनी और जान से मारने की धमकी, खिलचीपुर पुलिस ने 3 को पकड़ा

खिलचीपुर। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में नातरा/झगड़ा की मांग को लेकर आगजनी और धमकी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर 20 लाख रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर भूसे और पिंडावड़े में आग लगाकर नुकसान करने का आरोप है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट मिलने के बाद उन्हें जिला जेल राजगढ़ भेज दिया गया।
20 लाख रुपए की मांग का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 को ग्राम चांदपुरा निवासी रायसिंह पिता भागीरथ गुर्जर ने खिलचीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम कचनारिया निवासी कमल सिंह, बलवंत और भगवान सिंह ने गांव के बलवंत से 20 लाख रुपए की ‘झगड़े’ की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, मांग पूरी नहीं होने पर आरोपियों ने कथित तौर पर फरियादी के भूसे और गांव के बनेसिंह के पिंडावड़े में आग लगा दी। आगजनी के कारण सामान को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। साथ ही बलवंत को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद खिलचीपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 329/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4), 326(F) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके का नक्शा और नुकसान का पंचनामा तैयार किया गया। इसके अलावा फरियादी और गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच में आरोपियों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमल सिंह पिता सुजानसिंह गुर्जर उम्र 26 वर्ष, बलवंत पिता सुजानसिंह गुर्जर उम्र 22 वर्ष और भगवान सिंह पिता सुजानसिंह गुर्जर उम्र 30 वर्ष के रूप में हुई है। तीनों ग्राम कचनारिया, थाना माचलपुर के रहने वाले हैं।
न्यायालय ने भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को खिलचीपुर न्यायालय के सामने पेश किया। न्यायालय से जेल वारंट मिलने के बाद आरोपियों को जिला जेल राजगढ़ दाखिल कर दिया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी खिलचीपुर निरीक्षक कमलसिंह गेहलोत, उपनिरीक्षक सरिता मिश्रा, आरक्षक अनारसिंह धाकड़ और आरक्षक भानू प्रताप सिंह की भूमिका रही। पुलिस ने मामले में आगे की विवेचना जारी रखी है।




















