‘ऐसे वापस मत जाना’… अफगान पत्रकार के सवाल पर ख्वाजा आसिफ का गले पर हाथ वाला इशारा वायरल

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक अफगान महिला पत्रकार उनसे तालिबान और अफगान महिलाओं के अधिकारों को लेकर पाकिस्तान की नीति पर सवाल करती नजर आ रही हैं। इस बातचीत के दौरान ख्वाजा आसिफ के एक इशारे को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया है।
पत्रकार ने तालिबान की नीति पर पूछा सवाल
वायरल वीडियो में पत्रकार पाकिस्तान के रक्षा मंत्री से सवाल करती हैं कि अफगान महिलाओं के अधिकारों को लेकर पाकिस्तान तालिबान से क्या कहता है। वह पूछती हैं कि क्या पाकिस्तान तालिबान पर अपनी नीतियों में बदलाव करने के लिए दबाव बनाएगा। पत्रकार ने यह सवाल भी उठाया कि जब पाकिस्तान तालिबान को अपना दोस्त मानता था, तब उसने महिलाओं से जुड़ी तालिबान की नीतियों को लेकर सवाल क्यों नहीं उठाए। रिपोर्टों के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने पत्रकार को बीच में रोक दिया और सीधे तौर पर सवाल का जवाब देने के बजाय उनके पहनावे की ओर इशारा किया।
गले पर हाथ फेरने वाले इशारे से विवाद
वीडियो में ख्वाजा आसिफ पत्रकार से कहते हुए सुनाई देते हैं कि वह इस तरह वापस न जाएं। इसके बाद वह अपने हाथ को गले के पास ले जाते हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस इशारे को संभावित हिंसा या मौत की धमकी के संकेत के तौर पर देखा है। वीडियो में उनके आसपास मौजूद कुछ लोगों के हंसने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर इस बातचीत को लेकर आलोचना और प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने पत्रकार के सवाल और ख्वाजा आसिफ के जवाब के तरीके को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स का कहना है कि अफगान महिलाओं की स्थिति और तालिबान की नीतियों से जुड़ा सवाल गंभीर था और इसका जवाब स्पष्ट रूप से दिया जाना चाहिए था। कुछ यूजर्स ने गले पर हाथ फेरने वाले इशारे को धमकी के तौर पर देखा।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बढ़ा तनाव
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान ने 24 सितंबर को कहा था कि उसने अफगानिस्तान में 10 स्थानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, इन स्थानों का इस्तेमाल ड्रोन लॉन्च करने और उन्हें रखने के लिए किया जा रहा था। पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को अपनी आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उठाया गया कदम बताया।



















