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इजरायल पर ईरान-हिजबुल्लाह का एक साथ हमला,मिसाइल-ड्रोन बरसाए; जवाबी कार्रवाई पर दी बड़ी चेतावनी

इजरायल पर ईरान और हिजबुल्लाह ने एक साथ मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं, जबकि ईरान ने और बड़े हमले की चेतावनी दी है। आखिर कैसे शुरू हुआ यह नया टकराव और आगे क्या हो सकता है? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मिसाइल-ड्रोन बरसाए; जवाबी कार्रवाई पर दी बड़ी चेतावनी

मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। रविवार देर रात इजरायल पर ईरान और लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह ने एक साथ हमला कर दिया। मिसाइलों और ड्रोन से किए गए इस हमले के बाद पूरे इजरायल में खतरे के सायरन बज उठे और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है।

लेबनान पर हमलों के बाद बढ़ा टकराव

जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई सैन्य अभियान चलाए हैं। इनमें राजधानी बेरूत के बाहरी इलाकों में की गई कार्रवाई भी शामिल है। ईरान का कहना है कि वह लेबनान पर लगातार हो रहे हमलों को स्वीकार नहीं करेगा और इसी के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई है। इजरायली सेना के मुताबिक, ईरान ने देश के उत्तरी हिस्से की ओर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वहीं, हिजबुल्लाह ने भी ड्रोन और मिसाइलों के जरिए इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। 

ईरान ने कहा- चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने हमले के बाद कहा कि तेहरान ने कई बार स्पष्ट किया था कि वह युद्धविराम के उल्लंघन और लेबनान पर जारी हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। उनके अनुसार, इजरायल को पहले ही चेताया गया था कि यदि उसने अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो उसे जवाब का सामना करना पड़ेगा। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर ईरान और लेबनान के झंडों की तस्वीर साझा करते हुए दोनों देशों के बीच एकजुटता का संदेश दिया।

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आईआरजीसी ने इजरायल पर लगाए गंभीर आरोप

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने बयान में आरोप लगाया कि इजरायल लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। संगठन ने दावा किया कि लेबनान में प्रतिबंधित हथियारों, जिनमें फास्फोरस बम भी शामिल हैं, का इस्तेमाल किया जा रहा है। आईआरजीसी ने कहा कि बेरूत के बाहरी इलाकों पर हमला उनकी घोषित "लाल रेखा" को पार करने जैसा है। संगठन ने दोहराया कि पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि ऐसे हमलों की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

इजरायल का दावा- सभी मिसाइलें हवा में ही रोक दी गईं

दूसरी ओर, इजरायली सेना ने दावा किया है कि ईरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइलों को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक रोक लिया। सेना का कहना है कि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि हमले का जवाब दिया जा सकता है।

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पलटवार हुआ तो और बढ़ सकता है संघर्ष

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल जवाबी हमला करता है तो उसका जवाब पहले से ज्यादा ताकत के साथ दिया जाएगा। तेहरान ने यह भी कहा कि संघर्ष बढ़ने की स्थिति में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी वैध लक्ष्य माना जा सकता है। इस बयान ने हालात को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय संघर्ष के बड़े युद्ध में बदलने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दिए जाने की खबर सामने आई है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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