भारत पर बढ़ा 100% टैरिफ का खतरा, ट्रंप ने नए कानून पर किए साइन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत रूस से तेल-गैस खरीदने वाले पांच बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत भी इस सूची में शामिल है।
रूस से तेल खरीदने पर भारत पर बढ़ा टैरिफ का खतरा
ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद रूस और ईरान से जुड़े नए प्रतिबंधों का कानून प्रभावी हो गया है। इसके तहत अमेरिका उन पांच देशों के आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगा सकता है, जो रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदते हैं। भारत फिलहाल इस सूची में शामिल है। हालांकि, कानून में भारत या किसी दूसरे देश का नाम लेकर सीधे टैरिफ नहीं लगाया गया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि, विदेश मंत्री और ऊर्जा मंत्री से सलाह के बाद इन पांच देशों की पहचान करेगा।
हर 180 दिन में होगी देशों की समीक्षा
पांच देशों की सूची पिछले 12 महीनों में रूस से खरीदे गए तेल और गैस की कुल मात्रा के आधार पर तय होगी। इसकी समीक्षा हर 180 दिन में की जाएगी। राष्ट्रपति के पास इन देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार होगा, जिसकी अधिकतम दर 100% तक हो सकती है। हालांकि, कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाना जरूरी नहीं बनाता।
रूस की कमाई रोकना है मकसद
इस कानून का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई को कम करना और यूक्रेन युद्ध को लेकर मॉस्को पर बातचीत का दबाव बढ़ाना है। इस प्रस्ताव पर करीब 18 महीने से अमेरिकी राजनीति में चर्चा चल रही थी। अप्रैल 2025 में सीनेटर लिंडसे ग्राहम और रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इसके एक संस्करण को सीनेट में पेश किया था। प्रतिनिधि सभा से विधेयक पास होने के दो दिन बाद ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए।
भारत और चीन से रूस का तेल छोड़ने की अपील
कानून के समर्थक भारत और चीन से रूस से तेल और गैस खरीद कम करने की अपील कर रहे हैं। सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने दोनों देशों से रूस के बजाय दूसरे देशों से ऊर्जा खरीदने को कहा था। हालांकि, नए कानून का मतलब यह नहीं है कि भारत पर तुरंत 100% टैरिफ लग गया है। टैरिफ लगाने का अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के पास रहेगा।
यूरोपीय देशों को मिल सकती है छूट
कानून में कुछ यूरोपीय देशों को छूट देने का प्रावधान भी है। ऐसे देशों को राहत मिल सकती है, जिनका रूस से प्राकृतिक गैस आयात रूस के कुल गैस निर्यात के 15% से कम है और जो रूसी गैस पर निर्भरता घटाने के लिए कदम उठा रहे हैं। इसके अलावा रूस से सीधे आने वाले सामान पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान भी कानून में मौजूद है।
टैरिफ हटाने के लिए क्या करना होगा?
राष्ट्रपति किसी देश को लगाए गए टैरिफ से छूट दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कांग्रेस को बताना होगा कि यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। टैरिफ को स्थायी रूप से हटाने के लिए संबंधित देश को रूस से ऊर्जा खरीद बंद करनी होगी। साथ ही उसे भरोसेमंद आश्वासन देना होगा कि वह भविष्य में रूस से दोबारा तेल और गैस खरीद शुरू नहीं करेगा।




















