इंदौर। मध्य प्रदेश की राजनीति में 21 मई 2025 का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है। इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा परिसर में 80 साल बाद एक बार फिर से कैबिनेट बैठक का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के समापन समारोह के तहत आयोजित की जा रही है। इससे पहले 1945 में यहां अंतिम बार मंत्री परिषद की बैठक आयोजित हुई थी।
गद्दों पर बैठेंगे मुख्यमंत्री और मंत्री
कैबिनेट बैठक राजवाड़ा के ऐतिहासिक गणेश हॉल में होगी। बैठक की खास बात यह है कि इस बार मंत्री परंपरागत अंदाज में गद्दों और पटियों पर बैठेंगे, जैसे होलकर काल में हुआ करता था। दरबार हाल को भव्य रूप देकर बैठक के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है। राजवाड़ा परिसर में अस्थायी सचिवालय भी बनाया गया है, जहां से प्रशासनिक कार्य संचालित होंगे।
‘मप्र मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025’
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव ‘मप्र मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025’ का है, जिसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इस अधिनियम के पारित होते ही इंदौर-भोपाल सहित अन्य महानगरीय क्षेत्रों में मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग कमेटी (MPC) और मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MRDA) का गठन होगा।
यह संस्थाएं इन क्षेत्रों में विकास योजनाओं का समन्वय और निगरानी करेंगी। मुख्यमंत्री को इसका विस्तृत प्रेजेंटेशन पहले ही दिया जा चुका है।
इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार
इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और शाजापुर जिले शामिल होंगे।
कुल क्षेत्रफल: 9336.10 वर्ग किमी
जनसंख्या: 55.6 लाख
तहसीलें: 29
गांव: 1756
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को नोडल एजेंसी बनाया गया है और विकास कार्य चार चरणों में पूरे किए जाएंगे।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में भी 5 जिले होंगे शामिल
भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ का हिस्सा ब्यावरा भी भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल होगा। इसके लिए भोपाल विकास प्राधिकरण को जिम्मेदारी दी गई है। मंडीदीप को जोड़ने के लिए पहले ही मेट्रो विस्तार का प्रस्ताव पारित हो चुका है।
ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक निर्माण को मिल सकती है हरी झंडी
बैठक में ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य से जुड़ी 'अद्वैत लोक' परियोजना के लिए 2200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की संभावना है। यह परियोजना राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विजन डाक्यूमेंट 2047 पर चर्चा
राज्य के भविष्य के विकास रोडमैप के रूप में प्रस्तुत किए गए "विजन डाक्यूमेंट 2047" पर कैबिनेट के आठ समूहों में विस्तार से चर्चा होगी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
कैबिनेट से पहले सांस्कृतिक और प्रशासनिक कार्यक्रम
कैबिनेट बैठक से पहले सीएम और मंत्री लालबाग पैलेस और चिड़ियाघर का भ्रमण करेंगे। सोमवार रात मुख्यमंत्री और मंत्री सराफा चौपाटी पहुंचे और मालवा के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया। लता मंगेशकर हॉल में अहिल्याबाई पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी देखी गई।
राजवाड़ा में विकास योजनाओं की प्रदर्शनी और पारंपरिक स्वागत
राजवाड़ा परिसर में इंदौर मेट्रो, हुकमचंद मिल पुनर्निर्माण, डिजिटल परियोजनाओं और स्वच्छता अभियान जैसी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई है। वहीं, मंत्रियों का स्वागत मालवा की पारंपरिक संस्कृति के अनुसार तिलक और पगड़ी पहनाकर किया जाएगा। भोजन में दाल-बाटी, लड्डू, दही बड़ा, श्रीखंड जैसी पारंपरिक चीजें परोसी जाएंगी।
नो व्हीकल जोन रहेगा राजवाड़ा क्षेत्र
कैबिनेट बैठक के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के तहत सुबह 7 बजे से बैठक के समापन तक राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्र नो व्हीकल जोन रहेंगे। आम लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री बोले – मां अहिल्या को श्रद्धांजलि का अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह कैबिनेट बैठक मां अहिल्याबाई होलकर को सच्ची श्रद्धांजलि है। उनका सुशासन और महिला सशक्तिकरण का आदर्श आज भी प्रेरणा है। इस बैठक में जनता के हित से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए जाएंगे।
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