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हेड कांस्टेबल की डॉक्टर बेटी ने किया आत्महत्या का प्रयास, सीनियरों पर रैगिंग-प्रताड़ना के आरोप

इंदौर के MGM मेडिकल कॉलेज की PG प्रथम वर्ष की जूनियर डॉक्टर सिमी यादव ने आत्महत्या का प्रयास किया। परिवार ने सीनियर डॉक्टरों पर रैगिंग, मानसिक प्रताड़ना और निर्धारित समय से अधिक ड्यूटी कराने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने डॉक्टर का बयान दर्ज किया है और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
हेड कांस्टेबल की डॉक्टर बेटी ने किया आत्महत्या का प्रयास, सीनियरों पर रैगिंग-प्रताड़ना के आरोप

इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जूनियर डॉक्टर के आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में पीजी प्रथम वर्ष की जूनियर रेसिडेंट डॉक्टर सिमी यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और डॉक्टर का बयान दर्ज किया। मामले की जांच के लिए कमेटी भी गठित की गई है।

परिवार ने लगाए रैगिंग और प्रताड़ना के आरोप

सिमी के पिता और बीना ट्रैफिक विभाग में पदस्थ हेड कांस्टेबल करण सिंह यादव ने सीनियर डॉक्टरों पर बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और रैगिंग करने के आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि सिमी से निर्धारित ड्यूटी से काफी ज्यादा घंटे काम कराया गया। परिजनों के मुताबिक पीजी डॉक्टरों के लिए महीने में 192 घंटे का ड्यूटी रोस्टर निर्धारित है, जबकि सिमी से कथित तौर पर करीब 392 घंटे तक काम कराया गया। परिवार का कहना है कि ड्यूटी रोस्टर से जुड़े दस्तावेज भी उनके पास मौजूद हैं।

36 घंटे की ड्यूटी कराने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में सिमी से लगातार 36-36 घंटे की ड्यूटी कराई जाती थी। बाद में 12 घंटे का रोस्टर जारी किया गया, लेकिन परिवार का दावा है कि कई बार ड्यूटी रात 10:30, 11 बजे और यहां तक कि 12 बजे तक चलती थी। पिता के मुताबिक सिमी अपनी परेशानी लगातार परिवार को बताती थी। परिवार का आरोप है कि पहले भी विभाग में शिकायत की गई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

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रैगिंग और गैर-चिकित्सीय काम के भी आरोप

परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों के साथ कथित रैगिंग और गैर-चिकित्सीय काम करवाने के आरोप भी लगाए हैं। परिवार का दावा है कि 36 घंटे की ड्यूटी के दौरान कुछ देर के लिए वॉशरूम जाने पर भी सीनियर डॉक्टर फोन कर पूछते थे कि डॉक्टर कहां है और काम कौन कर रहा है। सिमी यादव ने 14 फरवरी को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। इससे पहले उन्होंने उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की है।

पुलिस और कॉलेज की जांच जारी

पुलिस अधिकारी के मुताबिक डॉक्टर और उनके परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के लिए गठित कमेटी पूरे मामले की पड़ताल कर रिपोर्ट देगी। फिलहाल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही रैगिंग, मानसिक प्रताड़ना, अतिरिक्त ड्यूटी और गैर-चिकित्सीय काम करवाने के आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। डॉक्टर सिमी यादव का एमवाय अस्पताल में इलाज जारी है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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