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प्रेम संबंध बना मौत की वजह:मां और भाई ने की बेटी की हत्या; तीन महीने बाद खुला ऑनर किलिंग का राज

जहर देकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी के डिलीट फुटेज से खुला मामला; मां-बेटा गिरफ्तार
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मां और भाई ने की बेटी की हत्या; तीन महीने बाद खुला ऑनर किलिंग का राज
प्रकाश व शीतल अग्रवाल

इंदौर। हीरानगर थाना क्षेत्र में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रेम संबंध से नाराज मां और भाई ने मिलकर 25 वर्षीय युवती की कथित तौर पर हत्या कर दी। इसके बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। करीब तीन महीने तक आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शरीर पर मिले चोट के निशान और सीसीटीवी फुटेज में छेड़छाड़ के खुलासे के बाद पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस ने युवती की मां और भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

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पुलिस के अनुसार बजरंग नगर निवासी 25 वर्षीय ज्योति अग्रवाल, हींग कारोबारी दौलतराम अग्रवाल की बेटी थी। वह ऑनलाइन कारोबार से जुड़ी हुई थी। इसी दौरान उसकी दूसरी जाति के एक युवक से जान-पहचान हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। परिवार को इस रिश्ते की जानकारी थी और इसी बात को लेकर घर में लंबे समय से विवाद चल रहा था।

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प्रेमी से मिलने निकली तो हुआ विवाद

जांच में सामने आया कि 2 अप्रैल को ज्योति अपने प्रेमी से मिलने घर से निकल रही थी। इसी बात को लेकर घर में विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान उसका भाई प्रकाश अग्रवाल आपा खो बैठा और उसने ज्योति के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसने युवती का सिर दीवार पर दे मारा, जिससे उसके कान के पीछे गंभीर चोट आई। पुलिस का कहना है कि इस दौरान मां शीतल अग्रवाल भी मारपीट में शामिल थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर पर 12 से 13 चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई है।

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जहर देकर अस्पताल पहुंचाया, बताया आत्महत्या का मामला

पुलिस जांच में सामने आया कि मारपीट के बाद आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम को छिपाने के लिए युवती को जहरीला पदार्थ दिया और उसे अस्पताल ले जाकर यह कहानी बनाई कि उसने गुस्से में जहर खा लिया है। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक सूचना के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिलीट डीवीआर से खुला राज

मामले की जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के संदेह को गहरा कर दिया। शरीर पर मिले कई चोटों के निशान आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि मकान के लगभग हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन घटना के आसपास के दो से तीन दिनों का डीवीआर रिकॉर्ड डिलीट था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें भाई प्रकाश अग्रवाल ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

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तीन महीने तक पुलिस को गुमराह करते रहे आरोपी

एसीपी रूबीना मिजबानी के अनुसार परिवार ने शुरुआत में पुलिस को बताया था कि ज्योति ने गुस्से में जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसी आधार पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के सामने आने के बाद हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी भाई प्रकाश अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायालय से रिमांड पर लिया है, जबकि मां शीतल अग्रवाल को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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