Peoples Update Special :मप्र में टॉकीजों पर टैक्स की मार, 3 साल में 100 से ज्यादा बंद

लेखक : विजय एस. गौर ’ भोपाल।
स्थानीय टैक्स और जीएसटी चुकाना महंगा
दरअसल, टॉकीजों के संचालन को लेकर टॉकीज मालिकों को मनोरंजन कर के अलावा कई तरह के टैक्स चुकाते हैं। बिजली, पानी, नगर निगमों को प्रॉपर्टी टैक्स, स्वच्छता कर भी देते हैं। जीएसटी 200 रुपए टिकट तक 12 प्रतिशत और 200 रुपए से ज्यादा टिकट रेट होने पर 18 प्रतिशत चुकाना होता है।
भारी पड़ रहा प्रति शो टैक्स
भोपाल नगर निगम पहले 50 रुपए प्रति शो टैक्स लेता था, जिसको खत्म करने की मांग के बीच अचानक 2020 से बढ़ाकर प्रति शो 200 रुपए लागू कर दिया। ग्वालियर में 20 और इंदौर में 30 रुपए प्रति शो टैक्स हैं।
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1000 के शो में मिलते हैं सिर्फ 400 रुपए
उदाहरण के तौर पर अगर एक शो का कलेक्शन औसतन हजार रुपए हुआ, तो 200 रुपए नगर निगम ले लेता है। बचे 800 में से डिस्ट्रीब्यूटर्स और टॉकीज मालिक में आधे-आधे बंटते हैं, ऐसे में टॉकीज मालिक के पास 400 रुपए ही बचते हैं। इस बारे में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से संपर्क किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला।
सीएम से टैक्स खत्म करने की मांग करेंगे
पहले 50 रुपए प्रति शो नगर निगम का टैक्स था, जिसको अचानक 2020 में प्रति शो 200 रुपए बढ़ा दिया गया। इस बारे में मुख्यमंत्री से मुलाकात करके सारे टॉकीज मालिक टैक्स खत्म करने की मांग करेंगे, क्योंकि पहले से ही कई तरह के टैक्स चुकाते हैं। टैक्स खत्म नही हुए तो इसी साल 20-30 टॉकीज बंद हो जाएंगे।
अजीज उद्दीन, सचिव, एमपी सिनेमा एसोसिएशन
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नियमानुसान टैक्स निर्धारण होगा
टॉकीज मालिकों के पक्ष को सुनने के बाद प्रदेश में करारोपण की स्थिति के बारे में भी पता करेंगे। इसके बाद प्रति शो के मुद्दे पर विचार-विमर्श के बाद नियमानुसार निर्धारण होगा।
अंजू अरुण कुमार, अपर आयुक्त, वित्त, बीएमसी












