सीहोर में 6 दिवसीय अटल संकाय विकास कार्यक्रम का समापन, तकनीकी बदलावों पर हुई चर्चा, विशेषज्ञों ने साझा किया ज्ञान

सीहोर। श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा विज्ञान, सीहोर के पॉलीटेक्निक (इंजीनियरिंग) विभाग की ओर से आयोजित छह दिवसीय अटल संकाय विकास कार्यक्रम का शनिवार को सफल समापन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मुकेश तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों, उद्योग की जरूरतों और व्यावहारिक ज्ञान की जानकारी दी गई।
सतत ऊर्जा की नई तकनीकों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के अंतिम दिन पहले सत्र में कॉर्पोरेट प्रशिक्षक श्री अविरल पवार ने “औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए सतत ऊर्जा में उभरती प्रवृत्तियाँ” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सतत ऊर्जा के क्षेत्र में विकसित हो रही नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी। साथ ही बताया कि उद्योगों में इन तकनीकों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है और आने वाले समय में इनकी क्या संभावनाएं हैं। उन्होंने ऊर्जा के टिकाऊ स्रोतों की बढ़ती जरूरत पर भी जोर दिया।
समापन समारोह में अतिथियों ने किया संबोधित
दूसरे सत्र में कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। इसमें परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय राठौर और शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. निलेश दिवाकर मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत समन्वयक डॉ. प्रियंका झंवर ने अतिथियों के स्वागत के साथ की। सह-समन्वयक श्री त्रिवेणी सिंह ने अतिथियों और उपस्थित गणमान्यजनों का परिचय कराया। इसके बाद अतिथियों ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को नई तकनीकों से लगातार अपडेट रहना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम शिक्षा को उद्योग की बदलती जरूरतों से जोड़ने में मदद करते हैं।
छह दिनों में 6 विशेषज्ञों ने दी जानकारी
छह दिवसीय कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े छह विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के साथ अपना अनुभव साझा किया। पहले दिन डॉ. एस. सुरेश, प्रोफेसर, मैनिट भोपाल ने जानकारी दी। दूसरे दिन डॉ. नितिन श्रीवास्तव, डीन एवं प्रोफेसर, आरजीपीवी भोपाल ने तकनीकी विषयों पर व्याख्यान दिया। तीसरे दिन गेल मंडीदीप के महाप्रबंधक श्री शशांक चतुर्वेदी, चौथे दिन एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार राय और पांचवें दिन लैब विजन टेक्नोलॉजी उज्जैन के सीईओ इंजीनियर अंकिश राठी ने अपने अनुभव साझा किए।
उद्योग की जरूरतों और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
कार्यक्रम में केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहते हुए उद्योग की वास्तविक जरूरतों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलाव, रोजगार के नए अवसर और कौशल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विशेषज्ञों के सत्रों से प्रतिभागियों को नई तकनीकों और उद्योग के काम करने के तरीकों को समझने का अवसर मिला।
अतिथियों को स्मृति-चिह्न देकर किया सम्मानित
समापन समारोह के दौरान अतिथियों और कार्यक्रम के समन्वयकों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में समन्वयक डॉ. प्रियंका झंवर ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रुचि चौहान ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।





















