Japan Earthquake: जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, टोक्यो तक महसूस हुए तेज झटके,सुबह-सुबह कांपी धरती

टोक्यो। जापान में रविवार सुबह तेज भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। 5.9 तीव्रता के इस भूकंप के झटके राजधानी टोक्यो और आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबाराकी प्रांत में जमीन से करीब 70 किलोमीटर नीचे था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी शुरुआती तीव्रता 5.8 बताई थी। भूकंप के बाद लोगों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट बजने लगे। अचानक आए झटकों से कई लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकलने लगे। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया कि भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
20 से ज्यादा लोग घायल
भूकंप के कारण टोक्यो क्षेत्र के आसपास कई लोग घायल हुए हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम 23 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आई हैं। कई लोग भूकंप के झटकों से नींद से जागे और घबराहट में गिरने या फर्नीचर और दरवाजों से टकराने के कारण घायल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, सैतामा में 9, कानागावा में 9, चिबा में 4 और इबाराकी में 1 व्यक्ति के घायल होने की जानकारी दी गई है। कानागावा के योकोहामा में एक बुजुर्ग महिला को गिरने से गंभीर चोट लगी।
टोक्यो समेत इन इलाकों में महसूस हुए झटके
भूकंप का असर टोक्यो के अलावा इबाराकी, चिबा और सैतामा में भी महसूस किया गया। जापान के भूकंपीय पैमाने पर कुछ इलाकों में निचले स्तर की 5 तीव्रता दर्ज की गई। राजधानी टोक्यो के कई हिस्सों में भी लोगों ने तेज झटके महसूस किए। भूकंप के झटकों के दौरान मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश और अलार्म बजने लगे। इससे लोगों को तुरंत सतर्क होने में मदद मिली।
ट्रेन सेवाओं पर पड़ा असर
भूकंप का असर जापान की रेल सेवाओं पर भी पड़ा। टोक्यो और नारिता एयरपोर्ट के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में देरी हुई। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी इलाकों में चलने वाली कुछ लोकल ट्रेनें भी प्रभावित हुईं।हालांकि राहत की बात यह रही कि शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। ईस्ट जापान रेलवे कंपनी ने ट्रेन सेवाओं में हुई देरी की जानकारी दी।
टोक्यो में पानी की पाइपलाइन टूटी
भूकंप के बाद टोक्यो के कोटो इलाके में जमीन के नीचे पानी की एक पाइपलाइन टूट गई। इसके कारण सड़क पर पानी बहने लगा। स्थानीय प्रशासन ने मामले को संभालते हुए पाइपलाइन की मरम्मत कराई और बाद में पानी का रिसाव रोक दिया गया। इसके अलावा भूकंप के कारण टोक्यो में करीब 460 घरों की बिजली चली गई थी। हालांकि, रविवार सुबह तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
प्रधानमंत्री ने बनाई टास्क फोर्स
भूकंप के बाद जापान सरकार भी तुरंत सक्रिय हो गई। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की जानकारी दी। सरकारी एजेंसियां अलग-अलग इलाकों से नुकसान और लोगों के घायल होने की जानकारी जुटा रही हैं। प्रशासन की टीमें यह भी जांच कर रही हैं कि भूकंप से कहीं बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे को नुकसान तो नहीं हुआ।
परमाणु संयंत्रों में सब सुरक्षित
जापान के लिए परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा बेहद अहम है, क्योंकि देश में भूकंप लगातार आते रहते हैं। इस भूकंप के बाद करीब एक दर्जन परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और परमाणु सामग्री से जुड़ी सुविधाओं में किसी तरह की असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली है। न्यूक्लियर रेगुलेशन अथॉरिटी ने संयंत्रों की स्थिति पर नजर रखी और किसी बड़ी गड़बड़ी की जानकारी सामने नहीं आई।
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जापान में भूकंप क्यों आते हैं?
जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप अक्सर आते हैं। देश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां कई टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि का असर पड़ता है। दक्षिणी इबाराकी का इलाका भी भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इसी वजह से जापान में भूकंप आने पर मोबाइल अलर्ट, इमरजेंसी सिस्टम और आपदा प्रबंधन व्यवस्था तुरंत सक्रिय हो जाती है।




















