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मानसून की विदाई से पहले इंदौर में गर्मी का पलटवार! 11 साल बाद सितंबर में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, पारा 34° पार

सितंबर में अब तक करीब 4 इंच बारिश ही दर्ज, दिन का तापमान 34 डिग्री के आसपास; पूरे मानसून सीजन में करीब 23 इंच बारिश के साथ विदाई की स्थिति, सोयाबीन की फसल पर भी पड़ा असर.
मानसून की विदाई से पहले इंदौर में गर्मी का पलटवार! 11 साल बाद सितंबर में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, पारा 34° पार
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इंदौर। मानसून की विदाई का वक्त करीब आते ही इंदौर के मौसम ने करवट ले ली है। सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश की संभावना कमजोर पड़ गई है और तेज धूप ने शहर में गर्मी बढ़ा दी है। दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है।इस बार सितंबर में अब तक करीब 4 इंच बारिश ही दर्ज हुई है। मानसून की आधिकारिक विदाई अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है। इसके साथ ही पूरे सीजन की बारिश भी करीब 23 इंच के आसपास थमने की स्थिति में है।

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11 साल बाद सितंबर में बारिश का इतना कमजोर दौर

इंदौर में इस साल सितंबर की बारिश करीब 4 इंच यानी लगभग 100 मिमी रहने का अनुमान है। इससे पहले 2015 में सितंबर के दौरान महज 26.8 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। 2016 में भी करीब 3 इंच पानी बरसा था।इसके मुकाबले हाल के वर्षों में सितंबर में बारिश के आंकड़े काफी ज्यादा रहे हैं। 2019 में 483.3 मिमी, 2021 में 482 मिमी और 2023 में 516 मिमी बारिश हुई थी। वहीं 2025 में सितंबर में करीब 13 इंच पानी बरसा था।इन आंकड़ों से इस साल सितंबर में बारिश की कमी का अंतर साफ नजर आता है।

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पूरे मानसून सीजन पर भी सूखे का असर

बारिश की कमी केवल सितंबर तक सीमित नहीं रही। इस बार पूरे मानसून सीजन में भी बारिश अपेक्षाकृत कम रही है। करीब 23 इंच बारिश के साथ सीजन समाप्त होने की स्थिति में है।उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह करीब 26 वर्षों में कमजोर मानसून वाले सीजन में शामिल हो सकता है। कम बारिश का असर शहर के मौसम के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती पर भी दिखाई दे रहा है।

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सोयाबीन की फसल पर बढ़ा सिंचाई का दबाव

आमतौर पर अगस्त और सितंबर की बारिश खेतों में सोयाबीन की फसल के लिए पर्याप्त नमी बनाए रखती है। इस बार कई क्षेत्रों में बारिश का साथ कम मिलने के कारण किसानों को फसल बचाने के लिए सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ा।बारिश की कमी ने खेती की लागत और फसल की स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।

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सितंबर खत्म होने से पहले ही गर्मी का असर

पिछले करीब एक सप्ताह से इंदौर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में सामान्य तौर पर बादल और बारिश के कारण मौसम में हल्की ठंडक आने लगती है, लेकिन इस बार तेज धूप के चलते दिन में गर्मी महसूस हो रही है।दिन का तापमान 33 से 34 डिग्री के आसपास बना हुआ है। रात का तापमान भी सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक रहने की बात सामने आई है।

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मानसून की विदाई के बाद कब आएगी ठंडक?

मानसून की विदाई के साथ सितंबर में बारिश की संभावना लगभग खत्म होने की स्थिति में है। हालांकि मालवा और इंदौर में अक्टूबर के दौरान भी बारिश के दौर देखने को मिलते रहे हैं।मौसम में स्थायी ठंडक अक्टूबर के दूसरे हिस्से से महसूस होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन इस बार सर्दी कितनी तेज होगी, इसका अनुमान अभी लगाना जल्दबाजी होगा। इसके लिए अक्टूबर और नवंबर के मौसम के रुझान देखना जरूरी होगा।

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नवंबर में साफ होगी सर्दी की तस्वीर

मौसम विशेषज्ञ ए.के. शुक्ला के मुताबिक, सर्दी का असर सिर्फ मानसून की विदाई से तय नहीं होता। प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव, अल नीनो की स्थिति, उत्तर-पश्चिमी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता जैसे कई कारक मौसम पर असर डालते हैं।अगर अक्टूबर-नवंबर में उत्तर-पश्चिम से ठंडी और शुष्क हवाएं चलती हैं और आसमान साफ रहता है, तो रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है। हालांकि इस बार सर्दी का वास्तविक रुख नवंबर में ही ज्यादा स्पष्ट होगा।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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