मानसून की विदाई से पहले फिर बदलेगा मौसम, 21 सितंबर तक बारिश का दौर! कई जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट

मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है, लेकिन बारिश से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 18 और 19 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। भोपाल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। राज्य में इस मानसून अब तक 33.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य औसत से कम है। मौसम की मौजूदा गतिविधियों से आने वाले दिनों में बारिश की कमी कुछ कम हो सकती है।
21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी
मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी खत्म नहीं हुई है। 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 और 19 सितंबर को बारिश की गतिविधियां ज्यादा व्यापक रह सकती हैं। इसके बाद भी कुछ इलाकों में बौछारें जारी रहने की संभावना है।
आज कई जिलों में तेज बारिश के आसार
शुक्रवार को विदिशा, भोपाल, नर्मदापुरम, देवास, खंडवा, कटनी, हरदा, सिवनी, नरसिंहपुर, दमोह, मंडला और अनूपपुर में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की जरूरत है।
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल में शुक्रवार को बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा करीब 29 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम पूर्वानुमान में भोपाल के लिए बारिश की अच्छी संभावना बताई गई है।
अब तक 33.1 इंच बारिश
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन 33.1 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह राज्य के सामान्य मानसूनी आंकड़े का करीब 88.7 प्रतिशत है। सामान्य तौर पर पूरे सीजन में प्रदेश में लगभग 37.3 इंच बारिश होती है। फिलहाल राज्य में बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम है।
32 जिलों में अभी भी कमी
प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन कुछ हिस्से अब भी औसत से पीछे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में स्थिति पहले के मुकाबले सुधरी है, जबकि पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।
मौसम सिस्टम बढ़ा रहे बारिश की उम्मीद
मध्य प्रदेश में बारिश के पीछे कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। अरब सागर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ की स्थिति मध्य भारत में नमी पहुंचा रही है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के आसपास नया सिस्टम बनने के संकेत भी मिले हैं। इसके असर से आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मानसून की विदाई अभी बाकी
मध्य प्रदेश से मानसून की सामान्य विदाई अक्टूबर की शुरुआत के आसपास होती है। इससे पहले सितंबर के आखिरी दिनों में एक-दो बारिश के दौर और देखने को मिल सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा बारिश उन जिलों के लिए राहत ला सकती है, जहां पूरे सीजन में अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है।
गुरुवार को कई जगह बरसे बादल
गुरुवार को भोपाल समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय तेज बारिश हुई, जबकि सीहोर और देवास के कुछ हिस्सों में भी पानी गिरा। कुछ स्थानों पर बारिश के दौरान तेज हवाएं चलीं। ग्वालियर में उमस के बाद हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
22 सितंबर के बाद घट सकती है सक्रियता
मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक 18 से 21 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम की स्थिति के आधार पर सितंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम फिर बदल सकता है।

















